
प्रदर्शन करते हुए पल्लवी पटेल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pallavi Patel: उत्तर प्रदेश में सपा की बागी विधायक पल्लवी पटेल एक बार फिर योगी आदित्यनाथ की पुलिस से भिड़ गईं। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को यूजीसी नियमों के समर्थन में उतरीं पल्लवी पटेल की पुलिस से तीखी नोंकझोंक हो गई। इससे पहले भी वाराणसी में पल्लवी पटेल का ऐसा रूप देखने को मिला था।
UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के सपोर्ट में महिलाओं के साथ मार्च निकाल रही पल्लवी पटेल को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने पल्लवी समेत कई एक्टिविस्ट को हिरासत में लिया। इस बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी के न्यू कैंपस में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने भी UGC इक्विटी गाइडलाइंस 2026 के सपोर्ट में प्रदर्शन किया।
पल्लवी पटेल ने अपने समर्थको के साथ मार्च निकाला और जैसे ही यह रिजर्व पुलिस लाइन से आगे बढ़ा, पुलिस ने भारी बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बाद वह सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। पटेल ने UGC रेगुलेशन 2026 को लागू करने की मांग को लेकर विरोध किया। विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके समर्थकों ने जोरदार नारे लगाए।
पल्लवी के समर्थकों ने ‘UGC रेगुलेशन लागू करो’ जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड और बैनर ले रखे थे। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। जब MLA पल्लवी पटेल को रोका गया, तो उनके समर्थक नारे लगाने लगे और वह धरने पर बैठ गईं। हंगामा और नारेबाजी काफी देर तक चलती रही। बाद में पुलिस ने पल्लवी पटेल और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
पल्लवी पटेल ने कहा कि UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को टालना आरक्षित और वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई न्याय के लिए है और हम इसे जारी रखेंगे। उन्होंने पुलिस के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि यह विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार का उल्लंघन है।
इससे पहले पल्लवी पटेल ने पिछले साल अप्रैल में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जमकर बवाल काटा था। तब पल्लवी पटेल हेमंत पटेल की हत्या के मामले में सांसद कार्यालय घेरने जा रही थीं। जहां पुलिस द्वारा बैरिकेड लगाकर रोका गया था। जिसके बाद उन्होंने बैरिकेड फांदते हुए हुए हंगामा खड़ा कर दिया था।
पल्लवी पटेल ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में सपा के साथ गठबंधन किया। समझौते के तहत पल्लवी ने सपा के टिकट पर सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। जहां उन्होंने सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मात देते हुए जीत हासिल की।
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इसके बाद साल 2024 में राज्यसभा चुनाव के वक्त क्रॉस वोटिंग करते हुए बगावत का पहला बिगुल फूंका था। इसके बाद पिछले साल पल्लवी ने अतीक अहमद पर एक्शन के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की जमकर तारीफ की थी। जिसके बाद सपा से उनके रिश्ते खराब हो गए।






