'राम मंदिर पर गर्व नहीं...तो भारतीय होने पर संदेह', गोरखपुर में गरजे CM योगी, बोले- सपना हुआ साकार

Uttar Pradesh News: योगी ने बताया कि महंत दिग्विजयनाथ ने देश से गुलामी के प्रतीकों को हटाकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया था। बाद में महंत अवैद्यनाथ ने भी इस संकल्प को आगे बढ़ाया।
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सीएम योगी आदित्यनाथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Yogi Adityanath News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में बने भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर को देखकर अगर किसी व्यक्ति को गर्व महसूस नहीं होता, तो उसकी भारतीयता संदिग्ध मानी जाएगी। मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बोल रहे थे।

यह कार्यक्रम महंत दिग्विजयनाथ की 56वीं और महंत अवैद्यनाथ की 11वीं पुण्यतिथि पर हुआ। जिसमें सीएम योगी ने बताया कि महंत दिग्विजयनाथ ने देश से गुलामी के प्रतीकों को हटाकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने का संकल्प लिया था। बाद में महंत अवैद्यनाथ ने भी इस संकल्प को आगे बढ़ाया। आज दोनों महंतों का वह सपना साकार हुआ है।

गर्व नहीं तो भारतीयता पर सवाल

इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश में ऐसा कौन होगा जिसे अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर को देखकर गर्व न हो। उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को गर्व नहीं होता, तो उसकी भारतीयता पर सवाल उठता है।

राष्ट्र मार्गदर्शक थे अवैद्यनाथ: योगी

योगी ने अपने भाषण में संस्कृत के एक श्लोक का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति में क्षमता होती है, बस उसे सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ और अवैद्यनाथ को समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शक बताया, जिन्होंने अपना जीवन देश और धर्म के लिए समर्पित कर दिया।

राष्ट्र को कुल मानता है संत: सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि एक सच्चा संत समाज को अपना परिवार और राष्ट्र को अपना कुल मानता है। उसकी पहचान सनातन धर्म से ही है। उन्होंने कहा कि जब एक सच्चा संत संकल्प लेता है, तो उसका परिणाम अवश्य निकलता है।

'आस्था व संकल्प का जीवंत प्रमाण'

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर महंत दिग्विजयनाथ और अवैद्यनाथ के संघर्ष और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, आस्था और संकल्प का जीवंत प्रमाण है।

आपको बता दें कि लगभग 500 वर्षों तक चले संघर्ष के बाद साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था। जिसके बाद यहां भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।

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