
राजा भैया और भानवी सिंह, फोटो- सोशल मीडिया
Raja Bhaiya Bhanvi Singh Case: उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने घरेलू हिंसा के एक मामले में बड़ी कानूनी राहत दी है। उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह मामला समय सीमा के बाहर है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राजा भैया के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पत्नी भानवी सिंह द्वारा लगाए गए आरोप काफी पुराने हैं और कानून की नजर में यह मामला समय सीमा को पार कर चुका है।
अदालत ने विशेष रूप से यह नोट किया कि राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह साल 2017 से ही एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। दूसरी ओर, भानवी सिंह ने घरेलू हिंसा की एफआईआर मार्च 2025 में दर्ज कराई थी। कोर्ट का तर्क था कि चूंकि हाल के वर्षों में क्रूरता की कोई नई घटना सामने नहीं आई है, इसलिए पुराने आरोपों को आधार बनाकर आपराधिक कानून का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
दिलचस्प बात यह है कि खुद दिल्ली पुलिस ने भी अपनी चार्जशीट में इस मामले की कमजोर कड़ियों का जिक्र किया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए (पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता) के तहत इस मामले में समय सीमा के उल्लंघन की बात कही थी। चार्जशीट में यह भी स्पष्ट किया गया था कि राजा भैया के खिलाफ ‘प्रथम दृष्टया साक्ष्य’ की कमी है।
भानवी सिंह ने मार्च 2025 में दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में यह एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने वर्षों तक शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न सहने का दावा किया था। हालांकि, पुलिस की जांच और कोर्ट की समीक्षा में इन आरोपों को कानूनी रूप से संज्ञान लेने लायक नहीं पाया गया।
राजा भैया और भानवी सिंह का वैवाहिक जीवन लंबे समय से विवादों के साये में रहा है। इनकी शादी साल 1994-1995 के आसपास हुई थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से दोनों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक जा पहुंचा। इस विवाद में सबसे बड़ा मोड़ साल 2023 में आया, जब राजा भैया ने दिल्ली के साकेत फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की।
राजा भैया ने अपनी तलाक की याचिका में भानवी सिंह पर ‘क्रूरता’ और ‘परित्याग’ के आरोप लगाए थे। इसके जवाब में भानवी सिंह ने घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था। दोनों ओर से लगाए जा रहे आरोपों और प्रत्यारोपों ने इस हाई-प्रोफाइल वैवाहिक विवाद को सुर्खियों में बनाए रखा है।
दिल्ली कोर्ट के इस फैसले से राजा भैया को न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक तौर पर भी मजबूती मिली है। चूंकि वह उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं, इसलिए आपराधिक आरोपों से राहत मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, भानवी सिंह ने पुरानी हिंसा और मानसिक आघात के गंभीर दावे किए थे, लेकिन अदालत ने तकनीकी और कानूनी आधार पर वर्तमान कार्यवाही को आगे बढ़ाने से रोक दिया है।
यह भी पढ़ें: अब चश्मा बोलेगा, सुनेगा और रिकॉर्ड करेगा, Meta-Oakley ने भारत में लॉन्च किया AI स्मार्ट ग्लास
अब सबकी नजरें साकेत कोर्ट में लंबित तलाक के मामले पर टिकी हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा चार्जशीट खारिज किए जाने के बाद, अब यह देखना होगा कि भानवी सिंह इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देती हैं या नहीं। फिलहाल के लिए, राजा भैया ने इस कानूनी जंग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जीत लिया है।






