
लखनऊ एयरपोर्ट, फोटो- सोशल मीडिया
Delhi Bagdogra Flight Bomb Threat: देश की राजधानी दिल्ली से बागडोगरा के लिए उड़ान भरने वाले एक विमान में रविवार को बम होने की संदिग्ध सूचना मिलने से सनसनी फैल गई। सुरक्षा कारणों से विमान को तत्काल लखनऊ डायवर्ट किया गया, जहाँ बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए गहन तलाशी अभियान चलाया।
दिल्ली से बागडोगरा (पश्चिम बंगाल) की यात्रा पर निकले यात्रियों के लिए रविवार, 18 जनवरी 2026 की दोपहर दहशत भरी रही। सुबह लगभग 08:46 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचना मिली कि इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-6650 में बम होने की आशंका है। इसके बाद पायलटों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निकटतम हवाई अड्डे के तौर पर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क किया। विमान को लखनऊ में उतारने की अनुमति मिलते ही वहां आपात लैंडिंग (Emergency Landing) कराई गई। हवाई अड्डे पर उतरते ही विमान को रनवे के एक सुरक्षित हिस्से में ले जाया गया, जहाँ पहले से ही वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद थीं।
स्रोतों के अनुसार, विमान के हवा में रहने के दौरान क्रू सदस्यों को टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर हाथ से “प्लेन में बम” लिखा हुआ था। जैसे ही यह डरावना संदेश क्रू की नजर में आया, इसकी सूचना तुरंत पायलट को दी गई। सुरक्षा मानकों और यात्रियों की जान को जोखिम में न डालते हुए, पायलट ने तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया। सुबह लगभग 08:46 बजे ATC को बम की इस आशंका की सूचना दी गई, जिसके बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर ‘फुल अलर्ट’ घोषित कर दिया गया।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, विमान ने सुबह 09:17 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से लैंडिंग की। लैंडिंग के तुरंत बाद, इंडिगो के विमान को मुख्य रनवे से हटाकर एक सुरक्षित और दूरस्थ स्थान, जिसे ‘आइसोलेशन बे’ कहा जाता है, वहां ले जाया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति में मुख्य रनवे और अन्य विमानों को संभावित नुकसान से बचाना होता है। विमान के रुकते ही वहां पहले से तैनात सुरक्षा अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं ने मोर्चा संभाल लिया।
प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, विमान में कुल 237 लोग सवार थे। इनमें 222 वयस्क यात्री, 8 बच्चे, 2 पायलट और 5 क्रू मेंबर शामिल थे। प्राथमिकता के आधार पर, सबसे पहले सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकाला गया। विमान से उतरने के बाद यात्रियों के चेहरों पर दहशत साफ देखी जा सकती थी, हालांकि लखनऊ एयरपोर्ट प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और जलपान की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें एयरपोर्ट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में रखा गया है।
एसीपी रजनीश वर्मा और एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में एक व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर बम निरोधक दस्ता, स्थानीय पुलिस और CISF की टीमें मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियां विमान के कोने-कोने, सीटों के नीचे, ओवरहेड बिन्स और विशेष रूप से यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी ले रही हैं। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन जब तक पूरी जांच प्रक्रिया (SOP) समाप्त नहीं हो जाती, विमान को ‘क्लीन चिट’ नहीं दी जाएगी।
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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि टिश्यू पेपर पर यह धमकी भरा नोट किसने और किस मकसद से लिखा था? सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस उन सभी यात्रियों की सूची की जांच कर रही है जिन्होंने टॉयलेट का उपयोग किया था। हैंडराइटिंग विश्लेषण और अन्य फॉरेंसिक तरीकों से आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण वैसे ही विमान सेवाएं प्रभावित हैं, और इस तरह की अफवाह धमकियों ने प्रशासन और यात्रियों की परेशानियों को दोगुना कर दिया है। यात्रियों के लिए आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।






