लखनऊ में 11 मार्च को शंखनाद, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद करेंगे 'गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' की शुरुआत

Go-Pratishtha Dharmayudh: गौमाता को राज्यमाता घोषित कराने हेतु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के नेतृत्व में 11 मार्च को लखनऊ में धर्मयुद्ध का शंखनाद होगा।
Shankaracharya Avimukteshwaranand
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (फोटो-सोशल मीडिया)
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Shankaracharya Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश में गौमाता को 'राज्यमाता' घोषित करने और पूर्णतया गोकशी बंद कराने की मांग को लेकर धर्मयुद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। परमाराध्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के नेतृत्व में 11 मार्च 2026 को लखनऊ की धरती पर 'गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' का शंखनाद किया जाएगा।

शंकराचार्य जी के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने स्पष्ट किया है कि कुछ समाचार पत्रों में तकनीकी त्रुटिवश इस कार्यक्रम की तिथि 12 मार्च छप गई थी, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया है कि मुख्य कार्यक्रम 11 मार्च को ही आयोजित होगा।

काशी से संकल्प लेकर किया जाएगा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार

इस धर्मयुद्ध की शुरुआत 6 मार्च (चैत्र कृष्ण तृतीया) को काशी के ऐतिहासिक शंकराचार्य घाट से होगी। इस दिन 'गो-ब्राह्मण प्रतिपालक' वीर शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर गंगा पूजन कर वैचारिक धर्मयुद्ध का संकल्प लिया जाएगा। इसके अगले दिन, 7 मार्च को प्रातः 8:30 बजे श्री विद्या मठ से यात्रा प्रस्थान करेगी। संकटमोचन मंदिर में हनुमानाष्टक और बजरंग बाण के पाठ के साथ विघ्नों के नाश की प्रार्थना कर इस पावन यात्रा का श्रीगणेश होगा।

जौनपुर से उन्नाव तक कई जनसभाओं का प्लान

यात्रा के दौरान शंकराचार्य जी विभिन्न जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और अपनी बात लोगों के समक्ष रखेंगे। इसके लिए पूरी जानकारी साझा की गयी है...

  • 7 मार्च: जौनपुर और सुल्तानपुर में जनसभाओं के बाद रात्रि विश्राम रायबरेली में होगा।
  • 8 मार्च: रायबरेली से मोहनलालगंज, लालगंज और अचलगंज होते हुए यात्रा उन्नाव पहुँचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम होगा।
  • 9 मार्च: उन्नाव से चलकर बांगरमऊ और बघौली में सभाएं होंगी, जिसके बाद रात्रि विश्राम पावन तीर्थ नैमिषारण्य में किया जाएगा।
  • 10 मार्च: नैमिषारण्य से सिधौली और इटौंजा होते हुए यात्रा लखनऊ की सीमा में प्रवेश करेगी।
  • 11 मार्च को लखनऊ में निर्णायक शंखनाद

शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर 11 मार्च को दोपहर 2:15 बजे शंकराचार्य जी का आगमन लखनऊ के 'कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल' (पासी किला चौराहा, आशियाना) में होगा। शाम 5:00 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में मंगलाचरण, गोमय गणेश पूजन और गो-ध्वज प्रतिष्ठा की जाएगी।

शासन को अंतिम चेतावनी

मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि सरकार को गौमाता के सम्मान के लिए 40 दिनों की जो समयावधि दी गई थी, वह अब पूर्ण हो रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता की उदासीनता गौभक्तों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। 11 मार्च का यह कार्यक्रम शासन के लिए अंतिम चेतावनी सिद्ध होगा। इस अवसर पर देश भर के विद्वान, संत और गौभक्त अपने 'वाग्बाणों' से धर्मरक्षा का आह्वान करेंगे। सभी सनातन धर्मियों से अपील की गई है कि वे किसी भी संशय में न रहें और 11 मार्च को भारी संख्या में लखनऊ पहुँचकर इस धर्मयुद्ध का हिस्सा बनें।

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