

Mayawati Press Conference Fire: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंच के पास लगे एलईडी पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। धुएं और आग की लपटें देख सभागार में मौजूद लोग सतर्क हो गए, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
लखनऊ स्थित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के केंद्रीय कार्यालय में गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। मौका था पार्टी सुप्रीमो मायावती के 70वें जन्मदिन का, जिसे पार्टी 'जन कल्याण दिवस' के रूप में मना रही थी। मायावती मंच से मीडिया को संबोधित कर रही थीं, तभी अचानक वहां लगे एलईडी लाइट के पैनल में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते पैनल से धुंआ निकलने लगा और आग की लपटें दिखाई देने लगीं, जिससे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।
जैसे ही वाल लाइट और पैनल से धुआं उठता दिखा, वहां तैनात सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। सुरक्षा टीम ने बिना समय गंवाए अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) का इस्तेमाल किया और धुएं पर काबू पाने के लिए स्प्रे किया। सुरक्षाकर्मियों की इस सूझबूझ और फुर्ती के कारण आग केवल एलईडी पैनल तक ही सीमित रही और उसे फैलने से पहले ही बुझा दिया गया। कुछ ही मिनटों के भीतर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। बाद में तकनीकी टीम ने उपकरणों की जांच की और खराब हो चुके पैनल को वहां से हटा दिया गया।
इस घटना के दौरान सबसे उल्लेखनीय पहलू बसपा सुप्रीमो मायावती का व्यवहार रहा। अचानक हुई आगजनी और अफरा-तफरी के बावजूद वे पूरी तरह शांत नजर आईं। उन्होंने विचलित हुए बिना धैर्य बनाए रखा। जब सुरक्षाकर्मियों ने हालात को पूरी तरह सामान्य कर लिया और धुआं छंट गया, तब मायावती ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस को आगे बढ़ाया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी को चोट लगने की सूचना नहीं मिली।
हादसे के बाद अपना संबोधन जारी रखते हुए मायावती ने कहा कि आज उनका 70वां जन्मदिन है और उनके अनुयायी इसे पूरे देश में 'जन कल्याण दिवस' के रूप में बहुत सादगी के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं ने जनता के दिल में जगह बनाई है। मायावती ने अपने गुरुओं को नमन करते हुए संकल्प दोहराया कि वे आगे भी दलितों और उपेक्षित लोगों के मान-सम्मान के लिए अपना जीवन अर्पित करती रहेंगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "मैं न दबने वाली हूं और न ही किसी लालच में आने वाली हूं।"
अपने संबोधन के दौरान मायावती ने ब्राह्मण समाज को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने आगाह किया कि ब्राह्मण समाज को किसी अन्य पार्टी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बसपा ने हमेशा उचित भागीदारी दी है और भविष्य में बसपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज को उचित प्रतिनिधित्व और मान-सम्मान दिया जाएगा। मायावती ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अन्य दल केवल वोट के लिए समाज का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बसपा उनके हितों की सच्ची रक्षक है। इस सफल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मायावती ने न केवल अपने राजनीतिक इरादे साफ किए, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपना संयम साबित किया।