'इतने जूते मारूंगा कि गंजे हो जाओगे...', SDM पर लेखपाल को बंधक बनाकर पीटने का आरोप, बांदा में हड़कंप

Uttar Pradesh के बांदा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी। यहां पर एक तहसीदार के द्वारा लेखपाल को मारपीट करने और धमकाने के आरोप लगाए गए है।
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बांदा में SDM ने लेखपाल को दी धमकी (फोटो- सोशल मीडिया)
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UP SDM threatening Lekhpal: उत्तर प्रदेश के बांदा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। यहां नरैनी तहसील में तैनात एक लेखपाल ने अपने ही SDM पर बंधक बनाने, मारपीट करने और गंभीर धमकी देने का आरोप लगाया है। लेखपाल का कहना है कि अवैध निर्माण पर मनमुताबिक रिपोर्ट न बनाने पर SDM भड़क गए और उन्हें प्रताड़ित किया गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब ADM ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

पीड़ित चकबंदी लेखपाल विकास सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना 29 अक्टूबर की है। मामला नरैनी तहसील क्षेत्र के पथरा गांव से जुड़ा है, जहां एक अवैध निर्माण हो रहा था और उस पर विवाद भी चल रहा था। लेखपाल का आरोप है कि SDM अमित शुक्ला उस निर्माण को सही बताते हुए उनके पक्ष में रिपोर्ट लगाने का दबाव बना रहे थे। जब लेखपाल ने ऐसा करने से मना किया और स्पष्ट कहा कि निर्माण अवैध है, तो SDM कथित तौर पर अपना आपा खो बैठे।

कमरे में खींचकर दी धमकी

लेखपाल विकास सिंह ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि SDM ने उनके साथ न सिर्फ अपशब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि उन्हें बगल के कमरे में खींचकर ले गए। वहां उन्हें धमकी दी गई कि 'इतने जूते मारूंगा कि गंजे हो जाओगे'। लेखपाल का यह भी कहना है कि उनका फोन छीन लिया गया और उन्हें गिरफ्तार कराने की धमकी भी दी गई। आरोप है कि उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और बाद में उसी दबाव में जबरन रिपोर्ट लिखवाई गई। इस घटना के बाद लेखपाल ने तुरंत पूरी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इस मामले से पूरे जिले के चकबंदी लेखपालों में भारी आक्रोश फैल गया है।

SDM बोले- आरोप झूठे, ADM ने दिए जांच के आदेश

वहीं, जब SDM अमित शुक्ला से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि लेखपाल अपने सरकारी कार्य और दायित्वों का सही ढंग से पालन नहीं कर रहे थे। इसलिए उन्हें केवल कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। SDM ने कहा, "इनसे पूछा जाए कि इन्होंने किस प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगाई है।" उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ADM वित्त कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि प्रकरण में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला आबादी क्षेत्र का है, इसलिए चकबंदी विभाग के नायब तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस को वापस ले लिया गया है। ADM ने कहा कि चकबंदी विभाग और जिला प्रशासन, दोनों स्तरों पर जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

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