

Aligarh Badal Babu: रानी के प्यार में सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंचे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ अंतर्गत अतरौली के गांव खिटकारी निवासी बादल बाबू की सजा पूरी हो गई है। उसे अब पाकिस्तान में डिटेक्शन सेंटर में रखा गया है। बादल बाबू के अधिवक्ता के अनुसार अधिकारी औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। उसे एक सप्ताह में भारत भेजा जा सकता है।
बरला क्षेत्र के गांव खिटकारी निवासी कृपाल सिंह के बेटे बादल को सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जिले मंडी बहाउद्दीन की युवती सना से प्यार हो गया था। सितंबर 2024 में वह सरहद पार कर सना रानी के घर पहुंच गया था।
वह दो दिन सना के घर रहा। इसके बाद उसकी मां ने उसे भारत लौट जाने के लिए कहकर घर से बाहर कर दिया, जिसके बाद वह मंडी बहाउददीन में हाजी असगर अली के यहां बकरी चराने लगा। उसकी ग्रामीण भाषा पर शक होने पर एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। वहां के सदर थाने के एसएचओ अंजुम शहजाद ने 27 दिसंबर 2024 को बादल बाबू को बिना पासपोर्ट और वीजा के पाकिस्तान में घुसने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। उसके भारतीय एजेंट होने के शक में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की थी। मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इंटरनेट के जरिए बादल के पिता कृपाल सिंह ने पाकिस्तान के एक अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क किया। उन्होंने उसके केस की पैरवी की। इस बीच बादल बाबू ने जेल में इस्लाम धर्म कबूल कर सना रानी से निकाह कर जीवन भर उसके साथ रहने की बात कही थी। मगर, सना ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया।
बादल के फोन और फेसबुक की चैट के रिकार्ड, सना और अन्य लोगों के बयानों के बाद पाकिस्तानी अदालत ने उसे एक साल कैद की सजा सुनाई थी। कृपाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिवक्ता फियाज रामे ने उन्हें बताया कि सजा पूरी होने पर बादल बाबू को जेल से रिहा कर दिया गया है। अब उसे डिटेक्शन सेंटर में रखा गया है। कृपाल ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि पाकिस्तान सरकार से संपर्क कर उनके बेटे को जल्द भारत बुलाने की कार्रवाई पूरी की जाए।