
यूपी में अपराधियों का एनकाउंटर।
UP Police News : उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार का जीरो टॉलरेंस अभियान जारी है। पिछले 8 वर्षों के आंकड़े देखें तो सूबे की पुलिस ने कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस दौरान सैकड़ों अपराधी मुठभेड़ में ढेर हुए। वहीं, हजारों सलाखों के पीछे पहुंचाए गए।
राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 8 वर्षों में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ों में 266 अपराधी मारे गए हैं। इसके अलावा 10990 अपराधी मुठभेड़ के दौरान घायल हुए। पुलिस ने 22306 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद राज्य में अब भी अपराधियों के 2,00,945 गिरोह (गैंग) सक्रिय हैं। इन गिरोहों पर नकेल कसने के लिए अब यूपी पुलिस तकनीक का सहारा ले रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में यक्ष (YAKSH) ऐप की शुरुआत की है, जो अपराधियों की निगरानी का तरीका पूरी तरह बदल देगा। डीजीपी राजीव कृष्ण के मुताबिक यह ऐप केवल एक डेटाबेस नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक आधुनिक हथियार है।
डिजिटल पहचान: इसमें अपराधियों का फेस और वॉइस रिकग्निशन डेटा होगा।
गैंग लिंक एनालिसिस: यह ऐप बताएगा कि किस अपराधी के तार किस गैंग से जुड़े हैं।
लोकेशन अलर्ट: कोई संदिग्ध तय इलाके से बाहर जाता है तो पुलिस को तुरंत अलर्ट मिलेगा।
रियल टाइम सत्यापन: अब हर बीट पुलिसकर्मी को अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों और माफियाओं का डिजिटल सत्यापन करना अनिवार्य होगा।
पुलिस अब डेटा ड्रिवेन पुलिसिंग की ओर बढ़ रही। इसके तहत राज्य के हर गांव और मोहल्ले की डिजिटल मैपिंग की जा रही है। किसी भी अपराधी की हलचल अब सिस्टम में कलर कोडिंग और स्कोरिंग के साथ दिखाई देगी, जिससे पता चलेगा कि कौन सा अपराधी कितना सक्रिय है। वर्तमान में राज्य के 9000 से अधिक पुलिसकर्मी इस ऐप को चलाने का प्रशिक्षण ले रहे। उम्मीद है कि एक महीने के भीतर इसके सभी मॉड्यूल पूरी तरह काम करने लगेंगे। इस डिजिटल घेराबंदी से स्थानीय पुलिस की जवाबदेही तय होगी और माफियाओं की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखना आसान हो जाएगा।






