इंदौर के बाद अब महू में दूषित पानी का तांडव, 30 से ज्यादा बच्चे बीमार, 50 साल पुरानी पाइपलाइन कर रही बीमार!

Mhow Contaminated Water: इंदौर के पास महू में गंदा पानी पीने से बच्चों सहित दर्जनों लोग बीमार हो गए हैं। प्रशासन अब 38 करोड़ के अमृत प्रोजेक्ट के तहत पुरानी पाइपलाइनें बदलकर नर्मदा का जल पहुंचाएगा।

Amrit 2.0 Project Mhow: मध्य प्रदेश के महू में दूषित जल आपूर्ति के कारण स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। गटर के बीच से गुजरने वाली पाइपलाइनों ने मासूम बच्चों को अस्पताल पहुंचा दिया है। प्रशासन ने अब अवैध कनेक्शनों पर सख्ती बरतते हुए अतिक्रमण हटाने और शुद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

इंदौर के महू क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही में करीब 30 लोग, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं, बीमार पड़ गए। जांच में पाया गया कि रहवासी क्षेत्रों में पीने के पानी की पाइपलाइनें गटर और नालियों के बीच से गुजर रही हैं, जिससे पानी में गंदगी मिल रही है।, बीमारों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई है और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर नागरिकों के टेस्ट कर रही है। क्षेत्र में 'भागीरथपुरी' जैसी किसी बड़ी अनहोनी की दहशत है, जिसे देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क मोड में है।

38 करोड़ का अमृत-2 प्रोजेक्ट: 50 साल बाद बदलेगी किस्मत

महू में जल संकट और प्रदूषण का मुख्य कारण यहां की 50 साल पुरानी जर्जर पाइपलाइनें हैं। प्रशासन ने स्वीकार किया है कि दशकों से इन लाइनों को बदला नहीं गया था। अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 38 करोड़ रुपये की 'अमृत-2' योजना को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत महू की पूरी पाइपलाइन को बदला जाएगा और इसे सीधे नर्मदा की टंकी से जोड़ा जाएगा। जैसे ही अमृत-2 की लाइनें डलेंगी, महू के नागरिकों को सीधे नर्मदा का शुद्ध जल मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे प्रदूषण की समस्या खत्म होगी।

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