
यूपी का होगा बंटवारा।
UP State Division News: उत्तर प्रदेश के बंटवारे की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हुई है। राजनीति के गलियारों में छिड़ी इस चर्चा ने तब जोर पकड़ा, जब भाजपा के दो बड़े नेताओं ने खुले मंच से पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की वकालत कर दी।
अमेठी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह और पूर्व मंत्री डॉ. अमीता सिंह ने उत्तर प्रदेश के विभाजन का मुद्दा दोबारा छेड़ दिया। नेताओं का तर्क है-उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और इसका भौगोलिक विस्तार बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। उनका मानना है कि जब तक पूर्वांचल को अलग राज्य का दर्जा नहीं मिलता, तब तक इस क्षेत्र का पूर्ण विकास संभव नहीं है।
डॉ. संजय सिंह के मुताबिक एक ही प्रशासनिक ढांचे से इतने बड़े प्रदेश को चलाना बेहद मुश्किल है। छोटे राज्य होने से शासन जनता के करीब पहुंचता है। विकास कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से हो पाती है।
पूर्वांचल राज्य बनता है तो इसमें उत्तर प्रदेश के 8 मंडलों को शामिल करने का प्रस्ताव है। डॉ. संजय सिंह के बताए खाके के मुताबिक ये जिले हैं-
वाराणसी मंडल– वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर।
आजमगढ़ मंडल– आजमगढ़, मऊ, बलिया।
प्रयागराज मंडल– प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़।
मिर्जापुर मंडल– मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही।
अयोध्या मंडल– अयोध्या, अकबरपुर (अंबेडकर नगर), सुल्तानपुर, अमेठी।
देवीपाटन मंडल-गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती।
गोरखपुर मंडल-गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर।
बस्ती मंडल-बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर।
एक बड़ा राज्य- यह मांग हकीकत में बदलती है तो 7 करोड़ 98 लाख की आबादी के साथ यह देश का 14वां सबसे बड़ा राज्य बन सकता है।
यह भी पढ़ें: 76 साल का हुआ उत्तर प्रदेश, लखनऊ के राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में भव्य कार्यक्रम, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि
इस नए राज्य के लिए सबसे लोकप्रिय नाम पूर्वांचल राज्य सामने आ रहा, क्योंकि यह इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को संजोए हुए है। डॉ. अमीता सिंह का कहना है कि पूर्वांचल के पास संसाधनों की कमी नहीं है। यहां उपजाऊ जमीन है, बिजली उत्पादन की क्षमता है और पर्यटन के लिहाज से अयोध्या और काशी जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। इसके बावजूद पलायन, बाढ़ और शिक्षा-स्वास्थ्य की बदहाली यहां की बड़ी चुनौतियां हैं। उनका मानना है कि अलग राज्य बनने से इन स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो सकेगा।






