स्टॉरिकोसॉरस की शान में आज गूगल ने बदला अपना डूडल, देखिए कैसे आया नजर

आज 19 अक्टूबर का गूगल का डूडल स्टॉरिकोसॉरस (डायनासोर) की अभूतपूर्व खोज को लेकर जश्न मना रहा है। इसके लिए उसने कुछ स्लाइड के साथ वीडियो भी दिया है।
गूगल डूडल, सबसे छोटा डायनासोर
गूगल ने बदला आज अपना डूडल (सौ.सोशल मीडिया)
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Google Doodle 19 October:जैसा कि, गूगल समय-समय पर अपने डूडल में बदलाव करता है इसमें वह किसी के बर्थ एनिवर्सरी हो या दुनिया की कोई खास घटना हर किसी के लिए वह दिन को सेलिब्रेट करता है। डूडल हर दिन को बड़े ही शानदार ढंग से पेश करता है जिसे देखने पर यूजर्स बड़ी जानकारियां पाते है। आज 19 अक्टूबर का गूगल का डूडल स्टॉरिकोसॉरस (डायनासोर) की अभूतपूर्व खोज को लेकर जश्न मना रहा है। इसके लिए उसने कुछ स्लाइड के साथ वीडियो भी दिया है।

कैसा है गूगल का डूडल

यहां पर आज के गूगल के डूडल पर नजर डाले तो आपको कुछ बदला-बदला सा नजर आता है गूगल ने आज का डूडल स्टॉरिकोसॉरस की खोज को समर्पित किया है जिसमें एनिमेटेड डूडर में आप इसके बारे में कई जानकारियां पा सकते है। इस एनिमेटेड वीडियों में स्टॉरिकोसॉरस डायनासोर को प्रागैतिहासिक परिदृश्य (Prehistoric Landscape) में दौड़ते हुए दिखाया गया है. यह डायनासोर की गति और चपलता के साथ-साथ उसकी विशिष्ट लंबी पूंछ और द्विपाद रुख पर भी प्रकाश डालता है. डूडल में डायनासोर के दांतेदार दांत (Dinosaur’s Serrated Teeth) भी दिखाए गए हैं, जो उसके शिकारी स्वभाव का संकेत देते हैं।

1936 में इस डायनासोर का लगाया था पता

इस स्टॉरिकोसॉरस डायनासोर को लेकर जानकारी मिलती है कि, सन् 1936 में जीवाश्म विज्ञानी लेवेलिन आइवर प्रिंस ने दक्षिणी ब्राजील के सांता मारिया फॉर्मेशन में एक उल्लेखनीय जीवाश्म नमूने का पता लगाया था कहा था कि, इस डायनासोर के अवशेष मिलते है। कहा जाता है कि,वैज्ञानिकों की इस खोज को बाद में स्टॉरिकोसॉरस के रूप में पहचाना गया, जो डायनासोर के विकास की हमारी समझ में आधारशिला बन गई है। इसके अलावा यह भी कहते हैं कि, रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीकों से पता चला कि स्टॉरिकोसॉरस लगभग 225 मिलियन वर्ष पहले, ट्राइसिक काल के अंत में रहते थे. इस प्राचीन शिकारी को ‘दक्षिणी क्रॉस छिपकली’ कहा जाता है।

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