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HAL Helicopter Gets World’s Most Fearless Safety Shield: भारत ने दुबई एयर शो 2025 में हेलीकॉप्टर तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। एचएएल ने जर्मनी की एक हाई-टेक कंपनी से वह उन्नत तकनीक हासिल कर ली है, जो दुनिया के सिर्फ कुछ देशों के पास है। यह प्रणाली धुंध, अंधेरे, बारिश और धूल में भी हेलीकॉप्टर को खतरे से बचाए रखेगी। इस समझौते से भारत का एयरोस्पेस सेक्टर और सेना दोनों को बड़ी मजबूती मिलने वाली है।
दुबई एयर शो 2025 में भारत ने भविष्य का एक ऐसा समझौता किया है, जो आने वाले समय में हेलीकॉप्टर युद्ध, बचाव और आपदा अभियानों के नियम बदल देगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने जर्मनी की एक अत्याधुनिक तकनीक वाली कंपनी के साथ मिलकर एक क्रांतिकारी ‘अवरोध-टकराव रोकथाम प्रणाली’ प्राप्त की है। रक्षा विशेषज्ञ इसे “Future Eye” बता रहे हैं, क्योंकि यह तकनीक धूल, धुंध, घना अंधेरा, धुआं और खराब मौसम में भी हेलीकॉप्टर को अदृश्य अवरोधों से सुरक्षित बाहर निकाल सकती है।
इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसका फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर है। यानी डिजाइन, उसके निर्माण की कोर तकनीक, बौद्धिक संपदा अधिकार, इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और मरम्मत, सब कुछ भारत को मिलेगा। यह वही क्षमता है जो अभी दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों के पास ही है और अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है। इससे भारत भविष्य में खुद उन्नत हेलीकॉप्टर तकनीकें विकसित करने में आत्मनिर्भर हो सकेगा।
HAL के मुताबिक यह प्रणाली हेलीकॉप्टर मिशनों में सुरक्षा की एक नई परत जोड़ देगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में उड़ान, हाई-रिस्क सैन्य ऑपरेशन, पहाड़ी इलाकों में बचाव अभियानों, आपदा राहत और रात के कॉम्बैट मिशन हर जगह यह तकनीक हेलीकॉप्टर को टक्कर या दुर्घटना से बचाए रखने के लिए एक अदृश्य सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी।
यह उन्नत प्रणाली पेड़, तार, अधूरी संरचनाएं, टावर, केबल, पहाड़ और अन्य जोखिमों को पहले ही पहचानकर पायलट को सतर्क कर देती है। कम विजिबिलिटी में भी यह 100% प्रभावी रहती है, चाहे तेज धूल का तूफान हो, गहरी धुंध हो या रात का घोर अंधेरा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक के आने से भारत के हेलीकॉप्टर अब ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा आक्रामक और ज्यादा सटीक मिशन कर पाएंगे। सेना व वायुसेना को खराब मौसम या रात में भी बढ़त मिलेगी और बचाव अभियानों की सफलता कई गुना बढ़ जाएगी। इससे भारत पहली बार इस कोर तकनीक का मालिक बनेगा, जिससे आगे और उन्नत स्वदेशी सिस्टम तैयार किए जा सकेंगे।
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इस समझौते के साथ HAL ने साफ कर दिया है कि भारत सिर्फ हेलीकॉप्टर बना नहीं रहा, बल्कि दुनिया की सबसे स्मार्ट और सुरक्षित एविएशन तकनीक में कदम रख चुका है। आने वाले दिनों में भारत इस तकनीक को दूसरे देशों को एक्सपोर्ट करने की स्थिति में भी पहुंच सकता है।






