
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Thane Solar Village Singapur News: सह्याद्रि पर्वतमाला में बसे ठाणे जिले के छोटे से आदिवासी गांव सिंगापुर ने विकास की नई कहानी लिख दी है। सौर ऊर्जा, ड्रिप सिंचाई और डिजिटल शिक्षा के जरिए यह गांव अब पूरे महाराष्ट्र के लिए एक मॉडल बनने की ओर बढ़ रहा है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुरबाड तालुका में नाणेघाट दर्रे के पास स्थित आदिवासी गांव सिंगापुर अब सौर क्रांति का प्रतीक बनता जा रहा है। दुर्गम दरियाघाट क्षेत्र में बसे इस गांव ने कृषि और ग्रामीण जीवन को सशक्त बनाने के लिए सौर ऊर्जा और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया है।
अधिकारियों के अनुसार, अब ग्राम पंचायत की योजना हर घर में सौर पैनल लगाने की है, जिससे गांव ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सके। इस पहल का उद्देश्य सिंगापुर को सतत ग्रामीण विकास का आदर्श मॉडल बनाना है, जहां पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ें।
करीब 957 की आबादी वाले ठाणे जिले के सिंगापुर इस गांव की एक बड़ी खासियत बांस की खेती है। ग्रामीणों ने बांस को आजीविका का मजबूत साधन बनाया है, जिससे न केवल हरियाली बढ़ी है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी कच्चा माल और रोजगार मिला है।
ठाणे जिला परिषद के एक अधिकारी ने बताया कि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने हालिया दौरे में सिंगापुर के विकास कार्यों की सराहना की। गांव के सभी चार जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय और चार आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह से डिजिटलीकृत कर दिए गए हैं, जिससे बच्चों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
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ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका लक्ष्य सुशासन वाला ऐसा गांव बनाना है, जो पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बने। गांव को उसकी प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर जल गुणवत्ता और प्रभावी जल प्रबंधन के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
सौर ऊर्जा, डिजिटल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के साथ सिंगापुर गांव यह साबित कर रहा है कि सही सोच और सामूहिक प्रयास से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र भी विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।






