प्रियंका गांधी यूपी जैसा असम का हाल तो नहीं करेंगी? आंकड़ों से समझें

Priyanka Gandhi: असम के लिए कांग्रेस ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के अलावा अनुभवी नेता मधुसूदन मिस्त्री को केरल के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। वहां जल्द विधानसभा चुनाव होना है।
Will Priyanka Gandhi treat Assam like Uttar Pradesh? Understand the data
प्रियंका गांधी और असम के सीमए हिमंत बिस्वा सरमा।
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Priyanka Gandhi News: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को असम विधानसभा चुनावा के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहां तीन महीने में चुनाव होने वाले हैं। असम के लिए प्रियंका के अलावा अनुभवी नेता मधुसूदन मिस्त्री को केरल के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है।

असम में कांग्रेस बीजेपी से सत्ता छीनने की कोशिश में दूसरी विपक्षी पार्टियों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही। बीजेपी 2016 से शासन कर रही है। कांग्रेस के पिछले मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई को राज्य में कांग्रेस खेमे से सबसे आगे माना जा रहा। गौरव 2024 से राहुल गांधी के बाद लोकसभा में विपक्ष के उप नेता भी हैं।

प्रियंका की असम में भूमिका क्यों अहम?

प्रियंका को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने के साथ पार्टी ने पहली बार गांधी परिवार के किसी सदस्य को इस पद पर नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में प्रियंका आने वाले राज्य चुनावों में लड़ने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट को फाइनल करेंगी। छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन भी पक्का करेंगी। गांधी के करीबी सहयोगी इमरान मसूद और सप्तगिरी शंकर उलाका और सिरिवेल्ला प्रसाद को असम स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य बनाया गया है। प्रियंका से पार्टी को मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे गौरव गोगोई को बीजेपी का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। वैसे, यह इतना आसान काम नहीं है।

यूपी में 403 सीटों की विधानसभा में सिर्फ 2 सीटें जीती थीं कांग्रेस

2019 में सक्रिय पॉलिटिक्स में आने के बाद प्रियंका को 2022 में बड़ा झटका लगा। उनके नेतृत्व में कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में सबसे खराब प्रदर्शन रहा। पार्टी 403 सीटों वाली विधानसभा में सिर्फ 2 सीटें जीत सकी। हाल के कुछ महीनों में वह काफी एक्टिव रही हैं। उन्होंने संसद में बीजेपी के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। कई विरोध-प्रदर्शनों में एक्टिव हिस्सा लिया। इनमें वोटर लिस्ट में बदलाव के मुद्दे से लेकर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की विरासत तक शामिल हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के जी राम जी बिल के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्व किया, जो MGNREGA की जगह लेने वाला था।

राहुल और प्रियंका में फूट का दावा

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उनकी मुस्कुराती पर्सनैलिटी और बीजेपी के टॉप नेताओं के साथ उनकी बातचीत सुर्खियों में रही। हाल में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा है कि प्रियंका को प्रधानमंत्री बनाया जाता है तो वह अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह मजबूत जवाब देंगी। इधर, बीजेपी ने कांग्रेस में राहुल बनाम प्रियंका की फूट का दावा किया।

वोट शेयर में सिर्फ 1.6 प्रतिशत का अंतर

असम के पिछले चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) ने 126 सीटों वाली विधानसभा में 75 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं। वैसे, दोनों गठबंधनों के वोट शेयर के बीच सिर्फ 1.6 प्रतिशत का अंतर था।

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