अमेरिका में 184 मिलियन यूजर्स का डेटा लीक, पासवर्ड और लॉग-इन लिंक तक हुए उजागर

ऑनलाइन दुनिया बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। अमेरिका में हुए इस बड़े डेटा ब्रीच में करीब 18 करोड़ 40 लाख यूजर्स की निजी जानकारी लीक हो गई है। जिसके बाद से ही लोगों की चिंता बढ़ चुकी है।
अमेरिका में 184 मिलियन यूजर्स का डेटा लीक, पासवर्ड और लॉग-इन लिंक तक हुए उजागर
ये डेटा कैसे हुआ लिंक। (सौ. Freepik)
Published on
Updated on

ऑनलाइन दुनिया एक बार फिर बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। अमेरिका में हुए इस बड़े डेटा ब्रीच में करीब 18 करोड़ 40 लाख यूजर्स की निजी जानकारी लीक हो गई है। लीक हुए डेटा में ईमेल आईडी, पासवर्ड और डायरेक्ट लॉग-इन लिंक जैसे संवेदनशील विवरण शामिल हैं।

सुरक्षित नहीं रहा क्लाउड स्टोरेज, रिसर्चर ने किया खुलासा

साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ जेरेमिया फाउलर ने एक असुरक्षित डेटाबेस का पता लगाया, जो सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन उपलब्ध था। यह डेटाबेस कई दिग्गज कंपनियों – Apple, Google, Meta (Facebook और Instagram), Microsoft – के साथ-साथ बैंकिंग पोर्टल, क्रिप्टो वॉलेट और सरकारी सेवाओं से जुड़ा हुआ था।

इन सेवाओं के यूजर्स हैं खतरे में

लीक हुए रिकॉर्ड्स में कई प्रमुख प्लेटफॉर्म्स की लॉग-इन क्रेडेंशियल्स सामने आए:

  • Apple – iCloud और iTunes अकाउंट
  • Google – Gmail, Drive, Google Workspace
  • Meta – Facebook, Instagram
  • Microsoft – Outlook, Office 365, Teams

इसके साथ-साथ कई सरकारी सेवा पोर्टल्स और बैंकिंग प्लेटफॉर्म भी इस लीक की चपेट में आ गए हैं।

इस लीक की गंभीरता क्यों ज़्यादा है?

पिछले डेटा ब्रीच में आमतौर पर पासवर्ड एन्क्रिप्टेड होते थे, लेकिन इस बार प्लेन-टेक्स्ट पासवर्ड सामने आए हैं। यही नहीं, डायरेक्ट लॉग-इन लिंक की मौजूदगी ने खतरे को और बढ़ा दिया है, जिससे हैकर्स बिना पासवर्ड डाले यूजर्स के अकाउंट्स तक पहुंच सकते हैं।

डेटा लीक की मुख्य वजह बनी गलत क्लाउड सेटिंग्स

रिपोर्ट के अनुसार, यह डेटाबेस संभवतः AWS, Google Cloud या Microsoft Azure जैसे प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया गया था, जहां सुरक्षा सेटिंग्स में चूक हुई। IBM की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के 82% डेटा ब्रीच क्लाउड से जुड़े थे, जिनकी मुख्य वजह गलत एक्सेस कंट्रोल रही।

यूजर्स के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय

  • तुरंत सभी पासवर्ड बदलें।
  • मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को एक्टिव करें।
  • Google Password Checkup जैसे टूल से चेक करें कि आपका डेटा लीक हुआ है या नहीं।
  • बैंक और क्रेडिट कार्ड्स पर रियल-टाइम अलर्ट लगाएं।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com