

शेटराउ: पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के खिलाड़ी कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तक भारत के खाते में 15 पदक आ चुके हैं। ऐसे में अब एक बार और भारत की अनुभवी पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा के पास मौका है कि वह पदक जीतकर इतिहास रच सके। वह पेरिस पैरालम्पिक में महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गई हैं। हालांकि इसी स्पर्धा में भारत की मोना अग्रवाल 13वें स्थान पर रही और फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
अवनि ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में 1159 स्कोर किया जबकि मोना ने 1147 स्कोर बनाया । शीर्ष आठ निशानेबाजों ने फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। एसएच 1 वर्ग में वे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके पैरों में विकार है। नीलिंग और प्रोन के बाद अवनि आठवें और मोना 15वें स्थान पर थी। स्टैंडिंग में उन्होंने 92 के साथ शुरूआत की और उसके बाद लगातार 96 स्कोर किया। आखिरी सीरिज में 97 स्कोर करके वह सातवें स्थान पर आ गई।
अवनि ने महिलाओं की 10 मीटर राइफल एसएच 1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जिसमें मोना को कांस्य पदक मिला था। अवनि ने तोक्यो पैरालम्पिक में भी इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और अपना खिताब बरकरार रखने वाली वह पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई। वह 10 मीटर एयर प्रोन एसएच 1 में प्रदर्शन दोहरा नहीं सकी और 11वें स्थान पर रही।
ज्ञात हो कि पेरिस पैरालंपिक में भारत के खिलाड़ी अच्छा खेल दिखा रहे हैं। 5 दिन का खेल पूरा होने के बाद भारत के खाते में अब तक 15 मेडल आ चुके हैं। मेडल टैली में भारत फिलहाल 15वें स्थान पर है। इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक में भारत ने 19 पदक जीते थे। ऐसे में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि भारत इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएगा या नहीं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)