

पेरिस: भारत की स्टार निशानेबाज अवनि लेखरा ने पेरिस पैरालंपिक में इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में भारत को पेरिस में पहला गोल्ड दिला दिया है। अवनि ने फाइनल राउंड में 249.7 का स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता है। अवनी की यह जीत ऐतिहासिक है क्योंकि उन्होंने नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया है। इसी मुकाबले में अवनी के अलावा भारत की मोना अग्रवाल ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीता।
आखिरी शॉट तक अवनि सिल्वर मेडल के पोजीशन पर थीं, लेकिन अपने आखिरी शॉट पर भारत की शूटर ने 10.5 का स्कोर किया। उनके और दक्षिण कोरिया की युनरी ली के बीच कड़ी टक्कर देखने मिली। आखिरी शॉट में कोरियाई निशानेबाज से चूक हो गई, जिनका आखिरी शॉट पर स्कोर केवल 6.8 रहा। इसी वजह से कोरियाई शूटर आखिरी में 246.8 के स्कोर पर रहीं।
वहीं पेरिस में गोल्ड जीतकर भारत की अवनि लेखरा ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वह टोक्यो पैरालंपिक्स में महज 19 साल की उम्र में भाग लेने पहुंची थीं। वहां उन्होंने फाइनल में 249.6 का स्कोर करके गोल्ड जीता थी। लेकिन अब पेरिस में अवनी ने अपने ही रिकॉर्ड को बेहतर करके 249.7 का स्कोर किया है और स्वर्ण जीता है।
साथ ही अवनि लेखरा लगातार दो पैरालंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय शूटर बन गई हैं। उनसे पहले आज तक कोई भी शूटर यह कारनामा नहीं कर पाया था। पैरालंपिक्स 2024 में अवनी लेखरा की चुनौती अभी समाप्त नहीं हुई है, वह महिलाओं की 50मीटर राइफल 3 पोजीशन में भी पदक जूत सकती हैं। इस प्रतियोगिता में अवनी ने पिछली बार ब्रॉन्ज जीता था।
वहीं पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 228.7 का स्कोर बनाया। इसी के साथ वह तीसरे स्थान पर रहीं। वह पेरिस पैरालंपिक में तीन पदक स्पर्धाओं में दावेदारी पेश कर रही हैं।