क्रिकेट जगत में स्मृति मंधाना के नाम का बजा डंका! रचा इतिहास, बनीं ऐसा करने वाली पहली खिलाड़ी

Smriti Mandhana Created History: भारत की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला क्रिकेट में कुछ ऐसा कर दिया, जो अब तक कोई न कर पाया है।
क्रिकेट जगत में स्मृति मंधाना के नाम का बजा डंका! रचा इतिहास, बनीं ऐसा करने वाली पहली खिलाड़ी
स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

IND W vs AUS W, CWC 2025: भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का मुकाबला विशाखापट्टनम के मैदान पर खेला जा रहा है। यहां का माहौल रोमांच से भरपूर है और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी। जैसे ही भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना मैदान पर उतरीं, वैसे ही पूरा स्टेडियम उनके नाम के नारों से गूंज उठा। इस बार मंधाना केवल रन बनाने नहीं, बल्कि इतिहास रचने उतरी थीं।

मंधाना ने 12 रन बनाते ही रचा इतिहास

स्मृति मंधाना ने इस साल वनडे फॉर्मेट में बेहतरीन लय बनाए रखी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने जैसे ही अपनी पारी में 12 रन पूरे किए, वैसे ही उन्होंने महिला वनडे क्रिकेट इतिहास में एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित कर दिया। वह अब तक की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष में 1000 रन पूरे किए हैं। इस रिकॉर्ड ने उन्हें महान खिलाड़ियों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। मंधाना ने यह कारनामा तब किया जब उनके बल्ले से वर्ल्ड कप में अब तक बड़ी पारी नहीं निकली थी, लेकिन उनकी निरंतरता और संयम ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई।

पिछले रिकॉर्ड को भी किया ध्वस्त

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच में स्मृति मंधाना ने एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। उस मुकाबले में उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया था। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में उन्होंने उस रिकॉर्ड को और भी ऊंचा कर दिया है। यह उपलब्धि दिखाती है कि मंधाना न केवल भारत की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं, बल्कि महिला क्रिकेट की दुनिया में एक प्रेरणा बन चुकी हैं।

18 पारियों में हासिल किया ऐतिहासिक मुकाम

मंधाना ने यह 1000 रन केवल 18 पारियों में बनाए हैं, जो अपने आप में एक अद्भुत आंकड़ा है। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 59.64 का रहा है। उन्होंने अब तक चार शतक और तीन अर्धशतक जड़े हैं, जो उनकी निरंतरता का प्रमाण है। हर बार जब वह क्रीज पर उतरती हैं, तो उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं और इस बार भी उन्होंने उम्मीदों को नई उड़ान दी है।

भारत के लिए यह टूर्नामेंट का चौथा मुकाबला है। इससे पहले खेले गए तीन मैचों में टीम इंडिया ने दो में जीत हासिल की, जबकि एक में उसे हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। कोच और कप्तान दोनों का मानना है कि मौजूदा संयोजन टीम को जीत की ओर ले जाने में सक्षम है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com