

MS Dhoni Drone Pilot: महेंद्र सिंह धोनी का तकनीक और मशीनों के प्रति आकर्षण कोई नया नहीं है। चाहे वह अपनी पुरानी कारों में सड़कों पर दौड़ लगाना हो या रांची की गलियों में अपनी सुपरबाइक चलाना, धोनी हमेशा से इंजनों और तकनीक में रुचि रखते आए हैं। अब उन्होंने इस रुचि को और आगे बढ़ाते हुए ड्रोन उड़ाने की दुनिया में कदम रखा है। उन्होंने हाल ही में आधिकारिक तौर पर DGCA सर्टिफाइड ड्रोन पायलट का लाइसेंस हासिल किया है, जो उनके तकनीकी शौक में एक नया अध्याय जोड़ता है।
धोनी ने मंगलवार 7 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से इस उपलब्धि की घोषणा की। भारत की प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनी गरुड़ा एयरोस्पेस ने भी इसकी पुष्टि की। कंपनी ने बताया कि धोनी ने चेन्नई स्थित उनके DGCA-स्वीकृत रिमोट पायलट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। धोनी गरुड़ा एयरोस्पेस के ब्रांड एम्बेसडर और निवेशक भी हैं।
कंपनी के फाउंडर और CEO अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा कि धोनी का व्यक्तिगत प्रशिक्षण लेना और पायलट के रूप में सर्टिफिकेशन हासिल करना कंपनी के लिए बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने यह भी बताया कि धोनी ने प्रशिक्षण बहुत जल्दी सीख लिया और पूरी लगन के साथ ध्यान केंद्रित रखा। CEO ने कहा कि धोनी का यह व्यावहारिक दृष्टिकोण और सीखने की प्रतिबद्धता टीम के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
धोनी ने हमेशा से नई चीजें सीखने और अपनाने की इच्छा दिखाई है। भारतीय सेना ने उन्हें 2011 में टेरिटोरियल आर्मी के पैराशूट रेजिमेंट (106 Para TA Battalion) में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी थी। 2019 में उन्होंने जम्मू और कश्मीर में अपनी बटालियन के साथ 15 दिन का कार्यकाल पूरा किया और गश्त व गार्ड ड्यूटी निभाई। इसके अलावा, उन्होंने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से पांच पैराशूट जंप्स पूरे कर प्रशिक्षित पैराट्रूपर के रूप में योग्यता हासिल की।
धोनी की यह तकनीकी उपलब्धि दर्शाती है कि क्रिकेट के अलावा उनका रुचि और सीखने की क्षमता कितनी व्यापक है। ड्रोन पायलट बनकर उन्होंने अपने शौक को नई दिशा दी है और तकनीकी दुनिया में भी अपने योगदान की राह खोल दी है।