मदद लाल (फोटो-सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क: भारत के पूर्व विश्व विजेता खिलाड़ी मदन लाल का जन्म 20 मार्च 1951 को अमृतसर में हुआ था। वह आज अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। मदन लाल पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव के राइड हैंड कहे जाते थे। मदन लाल ने कई मौके पर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन 1983 में जब कपिल देव की अगुवाई में भारत पहली बार वर्ल्ड चैम्पियन बना था, तब उनका रोल सबसे अहम रहा था।
मदन लाल वर्ल्ड कप फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 विकेट लेकर भारत की जीत के हीरो बने थे। इस मैच से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है। दरअसल फाइनल में मदन लाल ने कपिल देव से जिद करके गेंद छीन ली थी और फिर गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए भारत को विश्व चैम्पियन बनाया था।
भारत ने 1983 वर्ल्ड कप फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए थे। लगातार दो वर्ल्ड कप जीत चुकी वेस्टइंडीज के लिए यह स्कोर बड़ा मामूली सा नजर आ रहा था। वेस्टइंडीज टीम को पहला झटका 5 रन के स्कोर पर ही लग गया। गॉर्डन ग्रिनीज को बीएस संधू ने बोल्ड कर दिया। इसके बाद विवियन रिचर्ड्स बल्लेबाजी के लिए उतरे और अपने स्टाइल में ताबड़तोड़ शॉट्स लगाने लगे। उन्होंने हर भारतीय गेंदबाज की पिटाई की। कप्तान कपिल देव को भी नहीं समझ आ रहा था कि वो किसे गेंद थमाएं। वो इधर-उधर देख रहे थे।
तभी मदन लाल उनके पास आए और उनके हाथ से गेंद छीन ली और कहा कि वो गेंदबाजी करेंगे। कपिल देव ने उन्हें गेंद देने से इनकार कर दिया। क्योंकि रिचर्ड्स उनकी गेंद पर भी रन बटोर चुके थे। लेकिन मदन लाल अड़े रहे। उन्होंने कहा कि वो रिचर्ड्स को आउट कर देंगे। उनकी जिद के आगे कपिल को झुकना पड़ा।
मदन लाल ने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया और उनकी एक गेंद को पुल करने के चक्कर में विव रिचर्ड्स हवा में शॉट खेल बैठे और कपिल देव ने लंबी दौड़ लगाते हुए उस कैच को लपक लिया। इसके बाद जो हुआ, वो इतिहास है। भारत ने 140 रन पर विंडीज को समेट दिया और 43 रन से फाइनल जीत लिया। इस मैच में मदन लाल ने रिचर्ड्स के अलावा डसमंड हेन्स और लैरी गोम्स का विकेट भी हासिल किया था।
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मदन लाल ने 1974 से 1987 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने देश के लिए 39 टेस्ट और 67 वनडे खेले। दोनों फॉर्मेट में उन्होंने कुल 144 विकेट हासिल किए। इसके अलावा बल्ले से भी योगदान दिए। उन्होंने टेस्ट में 22 से ज्यादा की औसत से 1042 रन बनाए। इसमें पांच अर्धशतक भी शामिल हैं। लेकिन वो टेस्ट में शतक नहीं लगा पाए। मदन लाल ने 67 वनडे में 401 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक है। अपने ऑलराउंड खेल के दम पर टीम को मुश्किल से उबारने की वजह से फैंस भी उन्हें कई बार प्यार से ‘मदद लाल’ बुलाते थे।