-
गुरु, 9 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Sports »
- Cricket »
- History Behind The Ashes Series Know How This Series Was Named Ashes
Ashes 2025: अखबार की एक खबर ने डाल दी थी एशेज की नींव, टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी की कहानी
- Written By: उज्जवल सिन्हा
When was Ashes Series Started: एशेज सीरीज 1882 में ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड पर जीत से शुरू हुई। नकली शोक संदेश और ‘एशेज’ शब्द से प्रेरित, अब 2025 में पांच मैचों की नई सीरीज होगी।

एशेज ट्रॉफी (फोटो- सोशल मीडिया)
When was Ashes Series Started: एशेज सीरीज 2025 की शुरुआत 21 नवंबर से होनी जा रही है। एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैच खेला जाएगा। पिछली बार दोनों टीमों ने 2-2 से एशेज सीरीज को बराबरी पर खत्म किया था। अब इस बार दोनों टीमों की नजरें खिताब अपने नाम करने पर होगी।
आज आपको इस खबर में बताएंगे कि कैसे एशेज सीरीज की शुरुआत हुई थी। एक अग्रेंजी अखबार के हेडलाइन के कारण इस सीरीज की शुरुआत हुई थी। साल 1882 में ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड के दौरे पर गई थी, जहां ओवल में खेले गए टेस्ट में इंग्लैंड को 7 रन के करीबी अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी। जिसके बाद ब्रिटिश अखबार ने इंग्लैंड क्रिकेट की अंत की खबरें प्रकाशित कर दी।
ब्रिटिश अखबार ‘स्पोर्टिंग टाइम्स’ ने अंग्रेजी क्रिकेट के लिए एक नकली शोक संदेश छापा। इसमें लिखा था कि 29 अगस्त 1882 को ओवल मैदान में इंग्लिश क्रिकेट का अंत हो गया है। दोस्तों और परिचितों ने गहरा दुख व्यक्त किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा और राख ऑस्ट्रेलिया भेजी जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
चैंपियन ऑस्ट्रेलिया पर हुई करोड़ों की बारिश! हारकर भी इंग्लैंड ले गई मोटी रकम; जानें भारत के हिस्से कितना आया?
Women’s T20 WC Final: कप्तान ब्रंट ने जड़ा नाबाद अर्धशतक, इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 151 का लक्ष्य
बेन स्टोक्स ने नाइट क्लब विवाद पर तोड़ी चुप्पी, गलती मानते हुए साथी खिलाड़ियों से मांगी माफी
Women’s T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ जारी, पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में 113 रनों से रौंदा
ब्रिटिश अखबार ने पहली बार एशेज शब्द का किया था इस्तेमाल
दरअसल ब्रिटिश साप्ताहिक अखबार ने ऑस्ट्रेलिया के हाथों इंग्लैंड की हार पर ‘द एशेज’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस ‘शोक संदेश’ के साथ क्रिकेट इतिहास में पहली बार ‘एशेज’ शब्द का इस्तेमाल हुआ। इस अवधारणा ने खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
कुछ हफ्तों के बाद इवो ब्लाई की कप्तानी में इंग्लिश टीम ऑस्ट्रेलियाई के दौरे पर रवाना हुई। पिछली हार का बदला लेना टीम का मकसद था। कप्तान ब्लाई ने संकल्प लिया कि वह एशेज वापस लेने ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं। इंग्लैंड की टीम ने इस दौरे पर तीन टेस्ट खेले। इस दौरान ब्लाई और उनकी टीम के शौकिया खिलाड़ियों ने कई प्रैक्टिस मैच में भी हिस्सा लिया।
ब्लाई की नेतृत्व में इंग्लैंड ने जीती सीरीज
यह सीरीज 30 दिसंबर से शुरू होनी थी। पहला मैच मेलबर्न में खेला जाना था, जिससे पहले क्रिसमस की पूर्व संध्या पर मेलबर्न के बाहर रूपर्ट्सवुड एस्टेट में ब्लाई को उस एशेज के प्रतीक के रूप में एक छोटा-सा मिट्टी का कलश दिया गया, जिसे वापस पाने के लिए वह ऑस्ट्रेलिया गए थे। हालांकि, ब्लाई इसे एक निजी उपहार मानते थे। इस दौरे पर इंग्लैंड ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की।
यह भी पढ़ें: WTC में अब आईसीसी की होगी पिच पर नजर, दो दिन में मैच निपटा तो कटेंगे प्वाइंट्स, कोलकाता टेस्ट के…
बेल्स को जलाकर उसकी राख इस कलश में भरी
ऐसी मान्यता है कि मेलबर्न की महिलाओं ने बेल्स को जलाकर उसकी राख को इस कलश में भरकर दिया था। इस मौके पर ब्लाई की मुलाकात फ्लोरेंस मॉर्फी से हुई, जो रूपर्ट्सवुड एस्टेट की मालकिन लेडी जेनेट क्लार्क की क्लासमेट और क्लार्क परिवार की गवर्नेस थीं। साल 1884 में फ्लोरेंस मॉर्फी से ही ब्लाई ने शादी रचाई।
ब्लाई के निधन के बाद MCC को सौंपा गया कलश
कुछ समय बाद ब्लाई इस कलश को अपने साथ लेकर इंग्लैंड लौटे। यह कलश ब्लाई के घर पर करीब 43 साल तक रखा रहा। ब्लाई के निधन के बाद फ्लोरेंस ने यह कलश मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) को सौंप दिया, तभी से यह लॉर्ड्स स्थित एमसीसी संग्रहालय में रखा है।
1990 के दशक में जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमों ने वास्तविक ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा करने की इच्छा जताई, तब एमसीसी ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के साथ विचार-विमर्श के बाद एक कलश के आकार की वाटरफोर्ड क्रिस्टल ट्रॉफी बनवाई।
1998-99 में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती, तब यह ट्रॉफी पहली बार ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मार्क टेलर को भेंट की गई थी और तभी से एशेज ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच प्रत्येक टेस्ट सीरीज के अंत में विजेता कप्तान को दी जाती है।
History behind the ashes series know how this series was named ashes
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Hariyali Amavasya: हरियाली अमावस्या 2026: सावन की सबसे पुण्यदायी अमावस्या कब है? जानिए सही तिथि, शुभ समय
Jul 09, 2026 | 11:25 PMMP वक्फ बोर्ड पुनर्गठन विवाद: काजी मोहम्मद मआज खान ने दिया इस्तीफा, गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से नाराज
Jul 09, 2026 | 11:21 PMयोगिनी एकादशी 2026: श्रीहरि को चढ़ा दें ये दिव्य भोग, खुल सकते हैं सुख-समृद्धि और सौभाग्य के बंद द्वार
Jul 09, 2026 | 11:08 PMस्कूलों से लेकर लाइब्रेरी तक…, कश्मीर में राष्ट्रविरोधी कंटेंट पर कसा शिकंजा; DSEK ने दिया जांच का निर्देश
Jul 09, 2026 | 11:07 PMआर्चर का ब्रह्मास्त्र फिर चला, वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में सस्ते में आउट, देखें VIDEO
Jul 09, 2026 | 11:07 PMऐल्फा की बॉक्स ऑफिस रफ्तार पड़ी धीमी, सात दिन में हुई 46.17 करोड़ की कमाई, धमाल 4 से बढ़ी चुनौती
Jul 09, 2026 | 11:04 PMउज्जैन: फायर अधिकारी से मारपीट के बाद निगम का एक्शन, होटल किया सील; बुलडोजर कार्रवाई के दौरान 2 घंटे तक हंगामा
Jul 09, 2026 | 11:02 PMवीडियो गैलरी

मेरठ IPS थप्पड़ कांड: पुलिस वैन में बंद शख्स को सरेआम पीटा, बेइज्जती पर खुदकुशी की कोशिश, VIDEO वायरल
Jul 09, 2026 | 10:05 PM
UP सियासत में तख्तापलट! अखिलेश यादव का ‘ब्राह्मण कार्ड’ उड़ाएगा BJP की नींद? देखें VIDEO
Jul 09, 2026 | 09:30 PM
सांसद के सामने ही सपा नेताओं में चले लात-घूंसे! आगरा में बीच सड़क पर हुई जूतम पैजार; VIDEO वायरल
Jul 09, 2026 | 09:15 PM
गाड़ी में पेट्रोल नहीं, पानी मिला था… गडकरी ने बिना नाम लिए मनीष कश्यप पर बोला तीखा हमला
Jul 09, 2026 | 02:38 PM
कौन थीं ललिता गौतम, जिनकी हत्या पर एक हुआ दलित समाज, मेरठ में विरोध प्रदर्शन कर मचा बवाल, देखें VIDEO
Jul 09, 2026 | 01:10 PM
Agra School Teacher: स्कूल में नशे में मिला शिक्षक, VIDEO वायरल होते ही BSA का बड़ा एक्शन
Jul 08, 2026 | 10:46 PM














