Women's World Cup: साउथ अफ्रीका के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं कप्तान हरमनप्रीत, ये रिकॉर्ड्स है गवाही

Harmanpreet Kaur: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच महिला वनडे विश्वकप 2025 का फाइनल मुकाबला 2 अक्टूबर को नवी मुंबई में खेला जाएगा। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से फिर बड़ी पारी की उम्मीद है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ हरमनप्रीत कौर का शानदार रिकॉर्ड
हरमनप्रीत कौर (फोटो- सोशल मीडिया)
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IND W vs SA W: महिला वर्ल्ड कप 2025 अब अपने निर्णायक चरण में है। रविवार को नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

भारतीय टीम मैनेजमेंट और फैंस की निगाहें कप्तान हरमनप्रीत कौर और सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना पर टिकी होंगी। दोनों खिलाड़ी अनुभव और क्लास का बेहतरीन मिश्रण हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है, और टीम को उनसे बड़े मैच में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है। दोनों की अच्छी शुरुआत भारत के लिए खिताबी मुकाबले में जीत की कुंजी साबित हो सकती है।

सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच अब तक खेले गए वनडे मैचों में दोनों ही टीमों को मिलाकर देखें तो शीर्ष स्कोरर हैं। मंधाना ने 2014 से 2025 के बीच 19 मैचों की 19 पारियों में 1 बार नाबाद रहते हुए 3 शतक और 5 अर्धशतक लगाते हुए 929 रन बनाए हैं। उनका औसत 51.61 और सर्वाधिक स्कोर 136 है।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ कप्तान हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 2014 से 2025 के बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 27 मैच खेले हैं। 24 पारियों में 8 बार नाबाद रहते हुए कौर ने 50.68 की औसत से 811 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 103 है। दोनों टीमों के बीच खेले गए वनडे मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की ओवरऑल सूची में कौर तीसरे स्थान पर हैं।

मंधाना भारतीय पारी की शुरुआत करती हैं। वह टीम को तेज और मजबूत शुरुआत देती रही हैं। मंधाना का शीर्ष क्रम में रन बनाना मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर से दबाव हटा देता है। वहीं हरमनप्रीत कौर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ मध्यक्रम संभालती हैं, बल्कि निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ खेलते हुए पारी को लंबा करती हैं और फिनिश करती हैं।

इस तरह मंधाना और कौर का चलना टीम के लिए बेहद अहम है। अगर दोनों बल्लेबाज फाइनल में अपनी पूर्ण क्षमता के साथ खेलती हैं, तो भारत को पहली बार चैंपियन बना सकती हैं। हरमन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में दबाव की स्थिति में 89 रन की शानदार पारी खेली थी।

एजेंसी इनपुट के साथ 

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