

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इस समय सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्हें श्रीलंका के खिलाफ कप्तानी मिलने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन उनकी फिटनेस उनके आड़े आ गई। जिसके बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी सौंपी गई। ऐसे में अब 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी खेलने जाने वाली टीम इंडिया में उन्हें जगह हासिल करने के लिए पहले एक टेस्ट देना पड़ेगा।
दरअसल, 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी वनडे फॉर्मेट में खेला जाना है। इस बड़े आईसीसी ट्रॉफी हासिल करने के लिए हार्दिक पांड्या टीम के लिए बहुत अहम रोल निभा सकते हैं। लेकिन वह टीम का हिस्सा होंगे या नहीं यह उनकी फिटनेस पर निर्भर करते है। क्योंकि 2023 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में हार्दिक पांड्या चोटिल हो गए थे और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।
हार्दिक की चोट हमेशा से ही चिंता भारत के लिए चिंता का विषय रही है। वनडे फॉर्मेट में गेंदबाज को करीब 10 ओवर फेंकने पड़ते हैं। जिससे उनका वर्क लोड बढ़ जाता है। ऐसे में अब यह समझना पड़ेगा कि हार्दिक इतना वर्कलोड हैंडल कर पाने में सक्षम हैं की नहीं, इसी वजह से उन्हें खुद को साबित करने के लिए पहले एक टेस्ट देना होगा।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से पहले दिसंबर में खेली जाने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में पांड्या की बॉलिंग फिटनेस पर नजर रखी जाएगी। जिसका मतलब है कि वनडे फॉर्मेट में होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक खेल सकते हैं। हालांकि अभी इस बात की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन बीसीसीआई ने यह साफ कर दिया है कि अब हर खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य है।
जानकारी के लिए बता दें कि हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी अक्सर सवालों के घेरे में रही है। उनका चोटिल होने का खतरा काफी बना रहता है। 2024 के आईपीएल में हार्दिक ने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की थी, लेकिन फिर भी वह चोटिल हो गए थे. जिसका टीम इंडिया पर काफी असर हुआ था। हालांकि आईपीएल के बाद हुए टी20 वर्ल्ड कप 2024 में हार्दिक ने शानदार बॉलिंग की और ट्रॉफी दिलाने में अहम योगदान दिया। ऐसे में अब चैंपियंस ट्रॉफी में हार्दिक की बॉलिंग पर सभी की नजरें रहेंगी।