IND vs SA: कोच गंभीर की जिद या कप्तान गिल की मनमानी? Team India को एक्सपेरिमेंट क्यों पड़ रहे भारी!

IND vs SA: गौतम गंभीर के लगातार प्रयोग टीम इंडिया पर भारी पड़ रहे हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में चार स्पिनर्स और छह गेंदबाजों की रणनीति उलटी पड़ी।
IND vs SA: कोच गंभीर की जिद या कप्तान गिल की मनमानी? Team India को एक्सपेरिमेंट क्यों पड़ रहे भारी?
कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर (फोटो- सोशल मीडिया)
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India vs South Africa Test Series: साल 2024 में न्यूजीलैंड के हाथों घरेलू मैदान पर 3-0 की शर्मनाक हार के बाद उम्मीद थी कि भारतीय टीम नए सिरे से मजबूती के साथ खेलेगी। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली करारी हार ने एक बार फिर टीम की कमियां उजागर कर दीं। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर से काफी उम्मीदें थीं। उनकी ही अगुवाई में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप में शानदार खिताबी जीत भी हासिल की। मगर हाल के महीनों में उनके लगातार बदलते बैटिंग ऑर्डर और प्रयोग टीम के लिए सिरदर्द बनते दिखाई दे रहे हैं।

बैटिंग ऑर्डर में छेड़छाड़ से बढ़ी मुश्किलें

साउथ अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डन्स टेस्ट में लिया गया एक फैसला हर किसी को चौंकाने वाला था। नंबर तीन पर नियमित रूप से खेल रहे साई सुदर्शन को बाहर बैठाकर वॉशिंगटन सुंदर को प्रमोट किया गया। सुंदर आमतौर पर निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, ऐसे में उनका नंबर तीन पर उतरना पहली गेंद से ही गलत साबित हुआ। सुंदर न तो बल्लेबाजी में टिक पाए और न ही उन्हें गेंदबाजी में ज्यादा योगदान देने का अवसर मिला। गंभीर की यह आदत नई नहीं है। कोच पद संभालने के बाद उन्होंने टी-20 टीम में कई बदलाव किए। अभिषेक शर्मा को ओपनर के रूप में लाया गया और उनके साथ संजू सैमसन की जोड़ी बनाई गई, जो शुरुआती मैचों में काफी सफल भी रही। लेकिन एशिया कप से ठीक पहले शुभमन गिल को ओपनिंग में लाकर संजू को नंबर पांच पर भेज दिया गया, जिसका नुकसान टीम को झेलना पड़ा। ओपनिंग में बदलाव का असर सीधे पूरे मध्यक्रम पर दिखा और टीम कई मैचों में संतुलन खोती नजर आई।

सूर्यकुमार यादव की पोजीशन भी बनी पहेली

टी-20 फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड बताता है कि वह नंबर तीन पर सबसे सफल रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बार-बार नंबर चार और पांच पर भेजा गया। नतीजा यह हुआ कि उनका स्वाभाविक आक्रामक खेल दबने लगा और उनकी फॉर्म पर असर पड़ा। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में शिवम दुबे के ऊपर हर्षित राणा को भेजा गया, जो टीम को महंगा पड़ गया। पिछले कुछ महीनों में कई बल्लेबाजों का क्रम बदलता रहा है, जिससे टीम की स्थिरता लगभग खत्म सी हो गई है।

टेस्ट में भी दोहराई वही गलती

रोहित शर्मा और विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद भारत ने नंबर तीन के लिए साई सुदर्शन को तैयार किया था। उन्होंने इस स्थान पर कुछ अहम पारियां भी खेलीं, मगर साउथ अफ्रीका टेस्ट से ठीक पहले उन्हें बाहर कर दिया गया। सुंदर को नंबर तीन पर उतारना एक रिस्क था, और यह बिल्कुल नहीं चला।

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