

India vs Pakistan: अंडर-19 एशिया कप का फाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई स्थित आईसीसी अकादमी में खेला जा रहा है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। फाइनल जैसे बड़े मैच में दोनों टीमों पर दबाव साफ नजर आया, लेकिन पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
पाकिस्तान की पारी के बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम इंडिया को पहला झटका कप्तान आयुष म्हात्रे के रूप में लगा, जिनका बल्ला फाइनल मैच में पूरी तरह खामोश रहा। वह तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हो गए और भारत को शुरुआती दबाव में डाल दिया।
आयुष म्हात्रे के आउट होने के बाद मैदान पर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। पाकिस्तानी गेंदबाज अली राजा ने विकेट लेने के बाद आयुष म्हात्रे से कुछ कहा, जिस पर भारतीय कप्तान ने भी प्रतिक्रिया दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस बढ़ती नजर आई, लेकिन अंपायर ने तुरंत बीच में आकर मामले को शांत करवाया। यह घटना फाइनल मैच के रोमांच को और बढ़ाने वाली रही।
पूरे अंडर-19 एशिया कप टूर्नामेंट में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने इस टूर्नामेंट में कुल पांच मैच खेले, जिनमें से सिर्फ दो मुकाबलों में ही वह डबल डिजिट स्कोर तक पहुंच सके। तीन मैचों में वह सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए। टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 38 रन रहा, जो उन्होंने लीग स्टेज में पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था। फाइनल मैच में वह 7 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा आकर्षण समीर मिन्हास रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 113 गेंदों में 17 चौके और 9 छक्कों की मदद से 172 रन की धमाकेदार पारी खेली। उनके अलावा अहमद हुसैन ने 72 गेंदों में 56 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। निर्धारित 50 ओवर में पाकिस्तान की टीम ने 8 विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो दीपेश देवेंद्रन भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट लेकर पाकिस्तान की रन गति पर अंकुश लगाने की कोशिश की, लेकिन समीर मिन्हास की विस्फोटक पारी के आगे भारतीय गेंदबाजों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी।