- Hindi News »
- Special Coverage »
- Mahatma Jyotirao Phule Birth Anniversary 200th Year Tribute
नवभारत विशेष: महात्मा ज्योतिराव फुलेः भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक, आज भी प्रेरणा के स्रोत
Jyotirao Phule Anniversary: 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती मनाई जाती है। उनके 200वें जयंती वर्ष के शुभारंभ पर समाज सुधार, शिक्षा और समानता के लिए उनके योगदान को याद किया जा रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल

महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती( सोर्स: सोशल मीडिया )
Social Reformer Jyotiba Phule Legacy: आज 11 अप्रैल हम सभी के लिए बहुत विशेष दिन है। आज भारत के महान समाज सुधारकों में से एक और पीढ़ियों को दिशा दिखाने वाले महात्मा ज्योतिराव फुले की जन्म-जयंती है। इस वर्ष यह अवसर और भी अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके 200वें जयंती वर्ष का शुभारंभभी हो रहा है।
महान समाज सुधारक महात्मा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्म चिंतन और समाज के हित के लिए अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। महात्मा फुले को केवल उनकी संस्थाओं या आंदोलनों के लिए ही याद नहीं किया जाता, बल्कि उन्होंने लोगों के मन में जो आशा और आत्मविश्वास जगाया, उसका व्यापक प्रभाव हम आज भी महसूस करते हैं।
उनके विचार देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज हैं। महात्मा फुले का जन्म 1827 में महाराष्ट्र में एक बहुत साधारण परिवार में हुआ। लेकिन शुरुआती चुनौतियां कभी उनकी शिक्षा, साहस और समाज के प्रति समर्पण को नहीं रोक पाई।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत निशानेबाज: मतदाता ने कौन सा कमाल किया, उसने किस प्रकार का वोट दिया
10 अप्रैल का इतिहास : अपनी पहली और अंतिम यात्रा पर निकला टाइटैनिक, जानिए पुरा इतिहास
नवभारत संपादकीय: वैश्विक संघर्षों में भारत व पाकिस्तान की कूटनीतिक दिशा अलग
नवभारत विशेष: सीएपीएफ विधेयक को लेकर उठा विवाद, उच्च पद IPS अधिकारियों को दिए जाएंगे
उन्होंने हमेशा यह माना कि चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, ईसान को मेहनत करनी चाहिए, ज्ञान हासिल करना चाहिए और समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उन्हें अनदेखा करना चाहिए, बचपन से ही महात्मा फुले बहुत जिज्ञासु थे और अपनी उम्र के अन्य बच्चों की अपेक्षा कहीं अधिक पुस्तकें पढ़ते थे।
वो कहते भी थे, “हम जितना ज्यादा सवाल करते हैं, उनसे उतना ही अधिक ज्ञान निकलता है।” साफ है कि बचपन से मिली जिज्ञासा उनकी पूरी यात्रा में बनी रही। महात्मा फुले के जीवन में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण मिशन बनी। उनका मानना था कि ज्ञान किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि एक ऐसी शक्ति है, जिसे सभी के साथ साझा किया जाना चाहिए।
जब समाज के बड़े हिस्से को शिक्षा प्राथमिकता दी है। एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का प्रयास किया गया है, जिसमें युवा सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और इनोवेशन के लिए प्रेरित हों। अपने शैक्षिक ज्ञान से वंचित रखा जाता था, तब उन्होंने लड़कियों और वंचित वर्गों के लिए स्कूल खोले, वे कहते थे, “बच्चों में जो सुधार मां के माध्यम से आता है, वह बहुत महत्वपूर्ण होता है।
इसलिए अगर स्कूल खोले जाएं, तो सबसे पहले लड़कियों के लिए खोले जाएं,” उन्होंने शिक्षा को न्याय और समानता का माध्यम बनाया। शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण हमें आज भी बहुत प्रेरित करता है।
पिछले एक दशक में भारत ने युवाओं के लिए रिसर्च और इनोवेशन को बहुत बौद्धिकता से महात्मा फुले ने कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों की गहरी जानकारी हासिल की। वे कहते थे कि किसानों और मजदूरों के साथ अन्याय समाज को कमजोर करता है।
उन्होंने देखा कि सामाजिक असमानताएं खेतों और गांवों में लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित करती हैं। इसलिए उन्होंने गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भी हरसंभव प्रयास किए, महात्मा फुले ने कहा था, “जोपर्यंत समाजातील सर्वांना समान अधिकार मिळत नाहीत, तोपर्यंत खरे स्वातंत्र्य मिळत नाही यानी जब तक समाज के सभी लोगों को समान अधिकार नहीं मिलते, तब तक सच्ची आजादी नहीं मिल सकती। इसी विचार को जमीन पर उतारने के लिए उन्होंने कई संस्थाओं की स्थापना की।
उनका सत्यशोधक समाज, आधुनिक भारत के सबसे महत्वपूर्ण समाज सुधार आंदोलनों में से एक था। लगातार लोगों के बीच रहकर काम करने का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा।
लेकिन गंभीर बीमारी भी उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकी। एक गंभीर स्ट्रोक के बाद भी उन्होंने अपना काम और समाज के लिए संघर्ष जारी रखा। उनका शरीर कमजोर हुआ, लेकिन समाज के प्रति उनका समर्पण कभी नहीं डगमगाया।
आज भी करोड़ों लोग उनके जीवन के इस पहलू से प्रेरणा लेते हैं। महात्मा फुले का स्मरण, सावित्रीबाई फुले के सम्मानजनक उल्लेख के बिना अधूरा है। वह स्वयं भारत की महान समाज सुधारकों में से एक थीं। भारत की पहली महिला शिक्षिकाओं में शामिल सावित्रीबाई ने लड़कियों की शिक्षा को आगे बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाई।
महात्मा फुले के निधन के बाद भी उन्होंने इस कार्य को जारी रखा। 1897 में प्लेग महामारी के दौरान उन्होंने मरीजों की इतनी सेवा की कि वह स्वयं भी इस बीमारी की शिकार हो गई और उनका निधन हो गया।
भारतभूमि बार-बार ऐसी महान विभूतियों से धन्य होती रही है, जिन्होंने अपने विचार, त्याग और कर्म से समाज को मजबूत बनाया है। उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं बदलाव का माध्यम बने, सदियों से हमारे देश में समाज सुधार की आवाज उन्हीं लोगों से उठी है, जिन्होंने पीड़ा को भाग्य नहीं माना, बल्कि उसे खत्म करने के प्रयासों में जुटे रहे।
यह भी पढ़ें:-नवभारत निशानेबाज: मतदाता ने कौन सा कमाल किया, उसने किस प्रकार का वोट दिया
महात्मा ज्योतिराव फुले भी ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे। मुझे 2022 में पुणे की अपनी यात्रा याद है, जब मैंने शहर में महात्मा फुले की भव्य प्रतिमा पर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। उनके 200वें जयंती वर्ष की शुरुआत पर हम उनके विचारों को अपनाकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। हमें शिक्षा के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करना होगा।
लेख-प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के द्वारा
Mahatma jyotirao phule birth anniversary 200th year tribute
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नवभारत विशेष: महात्मा ज्योतिराव फुलेः भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक, आज भी प्रेरणा के स्रोत
Apr 11, 2026 | 07:24 AMमथुरा नाव हादसे का लाइव VIDEO आया सामने, यमुना में जान बचाने को छटपटाते दिखे लोग, मंजर देख कांप जाएगी रूह
Apr 11, 2026 | 07:12 AMनासिक सेक्स स्कैंडल: 160 GB डेटा में कैद हैं अशोक खरात की घिनौनी करतूतें, SIT को मिली फॉरेंसिक रिपोर्ट
Apr 11, 2026 | 07:11 AMनवभारत निशानेबाज: मतदाता ने कौन सा कमाल किया, उसने किस प्रकार का वोट दिया
Apr 11, 2026 | 07:03 AMधरती पर सुरक्षित लौटा NASA का Artemis 2 मिशन, 10 दिनों तक चांद पर किया रिर्सच, प्रशांत महासागर में हुई लैंडिंग
Apr 11, 2026 | 06:58 AMAshok Kharat Case: SIT समन के बावजूद रूपाली चाकणकर पेश नहीं, बहन को नोटिस
Apr 11, 2026 | 06:56 AMRohini Hattangadi Career: पर्दे पर बुजुर्ग किरदार से छा गईं रोहिणी हट्टंगड़ी, इंटरनेशनल फिल्म से मिली पहचान
Apr 11, 2026 | 06:55 AMवीडियो गैलरी

Shamli Hospital में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल, अस्पताल के बाहर हुई डिलीवरी
Apr 10, 2026 | 10:47 PM
मोनालिसा भोंसले केस में अस्पताल के रिकॉर्ड ने खोली पोल, निकली नाबालिग!
Apr 10, 2026 | 10:40 PM
इंदौर नगर निगम में भिड़े पार्षद, रुबीना ने बताया क्यों नहीं गाया वंदे मातरम
Apr 10, 2026 | 10:29 PM
नीट छात्रा की मौत या हत्या? शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर पटना में फिर उबाल, मां ने लगाए गंभीर आरोप- VIDEO
Apr 10, 2026 | 10:03 PM
कौन सिखा के भेजा है? सीधी में बिजली-पानी मांगने वाली महिला पर भड़के सांसद राजेश मिश्रा, वीडियो वायरल
Apr 10, 2026 | 09:55 PM
मर्द भी रोते हैं…बोरीवली प्लेटफॉर्म पर अकेले आंसू बहाते शख्स का वीडियो वायरल, वजह जान भर आएंगी आपकी आंखें
Apr 10, 2026 | 09:48 PM













