नवभारत निशानेबाज: मतदाता ने कौन सा कमाल किया, उसने किस प्रकार का वोट दिया

High Voting Percentage: मतदान को सबसे बड़ा ‘दान’ बताते हुए मतदाताओं की भूमिका और उनके वोट के चरित्र पर सवाल उठाए गए हैं। उच्च मतदान प्रतिशत के बावजूद चुनावी रुझानों की दिशा पर चर्चा की गई है।
Navbharat Sharpshooter: What feat did the voter accomplish? What kind of vote did they cast?
नवभारत डिजाइन फोटो
Published on: 
Updated on: 

India Election Voter Behavior: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हमें बताइए कि आजकल दान-पुण्य करने की प्रवृत्ति कम क्यों हो गई है जबकि हमारे देश में राजा बलि और कर्ण जैसे महान दानवीर हुए हैं।'

हमने कहा, 'लोकतंत्र में सबसे बड़ा दान है मतदान जिसे वोटर ने दिल खोलकर दिया है। पुडुचेरी के पुण्यवान मतदाताओं ने सर्वाधिक 89.83 प्रतिशत मतदान किया। उसके बाद असम के वोटरों ने 85.38 फीसदी वोटिंग की। केरलम में भी मतदाताओं ने दमखम दिखाया और 78.03 प्रतिशत वोट डाले। वो तो अच्छा है कि ईवीएम का जमाना है वरना इतने ज्यादा मतदान से पुरानी मतपेटी का पेट ही फूट जाता।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, निशाना लगाने वाले को उड़ते पंछी के पर पहचानने चाहिए, आप सिर्फ इतना बताइए कि मतदाताओं ने किस पार्टी या गठबंधन को जिताने के लिए बड़ी तादाद में वोट दिया। उनके बोट का चरित्र क्या था?'

हमने कहा, 'आपको सांसदों-विधायकों का चरित्र देखना चाहिए, वोट का चरित्र देखकर क्या करेंगे? इसके अलावा यह भी जान लीजिए कि एग्जिट पोल पर रोक लगी है, इसलिए ज्यादा पूछताछ मत कीजिए। जनता को मताधिकार देनेवाले नेता सत्ता पर सर्वाधिकार चाहते हैं। लोगों को कर्तव्य पथ पर चलने की सीख देनेवाले चुनाव जीतकर कर्तव्यशून्य भी हो सकते हैं। ऊंची दुकान में फीके पकवान हों तो आप क्या कर लेंगे?'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, कुछ तो हिन्ट दीजिए, यह बताइए कि जनता ने पाजिटिव वोट दिया या निगेटिव ? वोट सिक्यूलर था या कम्युनल? स्थिरता का वोट दिया या बदलाव का? सहमति का वोट दिया या असहमति का ? वोट खुशी का था या नाराजगी का? वोट सार्थक था या निरर्थक? जनादेश स्पष्ट रहेगा या अस्पष्ट? किसी पार्टी को क्लीयर मेजारिटी मिलेगी या फिर हंग असेम्बली अर्थात लंगड़ी विधानसभा बनेगी?'

हमने कहा, 'आपके सारे सवालों का जवाब मतदान के नतीजे आने पर मिल जाएगा। इसलिए अभी से बेकरार या बेचैन होने की जरूरत नहीं। मतदाताओं ने किस पार्टी या गठबंधन के प्रति प्यार जताया है, यह जानने के लिए इंतजार कीजिए। आपने गाना सुना होगा सीखा नहीं सबक तूने प्यार का, तू जाने क्या मजा इंतजार का।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Navbharat Live
navbharatlive.com