संभाजीनगर: छावनी के रेजिमेंटल स्कूलों की जर्जर इमारतें घोषित खतरनाक, नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश पर लगी रोक

Sambhajinagar Education News: छत्रपति संभाजीनगर के छावनी परिसर स्थित रेजिमेंटल स्कूलों की इमारतें जर्जर होने के कारण सत्र 2026-27 से नए प्रवेशों पर जिला परिषद शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी है।
Chhatrapati Sambhajinagar ZP education department banned new admissions in Regimental schools for 2026-27 due to dilapidated and dangerous building conditions.
छावनी के रेजिमेंटल स्कूल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar  Regimental Primary School Cantonment: छावनी परिसर में स्थित 'रेजिमेंटल प्रायमरी स्कूल' व 'रेजिमेंटल चिल्ड्रन हाईस्कूल' की इमारतें छात्रों और कर्मचारियों के लिए खतरनाक बन गई हैं। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से इन स्कूलों में किसी भी कक्षा में नए प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस संबंध में जिला परिषद के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। शिक्षणाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को रेजिमेंटल हाईस्कूल की स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक में जर्जर भवन के कारण छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे पर चर्चा हुई। इसके बाद समिति ने आगामी शैक्षणिक वर्ष में नए प्रवेश नहीं लेने का प्रस्ताव पारित किया था। शिक्षा विभाग ने समिति के प्रस्ताव को लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से पहली से दसवीं कक्षा तक किसी भी नए छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

छात्रों की सुरक्षा के मामले में समझौता नहीं

शिक्षणाधिकारी माध्यमिक विभाग की शिक्षणाधिकारी अश्विनी लाठकर ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया या नियमों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संभाजीनगर जिला परिषद शिक्षा विभाग ने दोनों स्कूलों के मुख्याध्यापकों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए है। साथ ही स्कूल प्रशासन को अभिभावकों को तत्काल निर्णय की जानकारी देने को कहा गया है, ताकि छात्रों व अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com