नागपुर में मेडिकल छात्रों के लिए नए नियम, 10 साल में पूरी करनी होगी MBBS, NMC ने जारी किया ड्राफ्ट

Nagpur NMC Guidelines: एनएमसी ने MBBS पूरा करने की समय सीमा 9 से बढ़ाकर 10 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों में इंटर्नशिप शामिल होगी और प्रथम वर्ष पास करने के लिए अधिकतम 4 प्रयास मिलेंगे।
nmc mbbs course duration extended 10 years new regulations 2026
इंटर्नशिप नियम, मेडिकल छात्र,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Graduate Medical Education: नागपुर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने की समय सीमा 9 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने का निर्णय लिया है। नए नियमों के अनुसार 10 वर्षों में अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप भी शामिल होगी। इस संबंध में एनएमसी ने 'ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन (अमेंडमेंट) रेग्युलेशन्स 2026 का मसौदा अधिसूचना जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के लिए कुल 10 वर्ष का समय मिलेगा जिसमें एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप भी शामिल होगी।

इससे पहले यह अवधि 9 वर्ष निधारित थी, एनएमसी द्वारा 18 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार, ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेग्युलेशन्स 2023 के क्लॉज 5 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत प्रथम वर्ष एमबीबीएस के विद्यार्थियों को अधिकतम 4 प्रयास ही दिए जाएंगे। यदि कोई छात्र 4 प्रयासों में प्रथम वर्ष उत्तीर्ण नहीं कर पाता है तो उसे पढ़ाई छोड़नी होगी।

इसके अलावा यदि कोई विद्यार्थी इंटर्नशिप सहित 10 वर्ष के भीतर एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पाता तो उसे एमबीबीएस की डिग्री प्रदान नहीं की जाएगी। यानी प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के बाद कोई भी छात्र 10 वर्ष से अधिक समय तक मेडिकल डिग्री पाठ्यक्रम जारी नहीं रख सकेगा।

हॉस्टल में 'कब्जे' पर लगेगी रोक

मेडिकल एजुकेशन प्राप्त कर रहे कई विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, व्यक्तिगत कारणों और शैक्षणिक दबाव के कारण पाठ्यक्रम पूरा करने में देरी होती है। ऐसे में यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि कई मामलों में साढ़े 4 वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी विद्यार्थी इंटर्नशिप के नाम पर वर्षों तक हॉस्टल के कमरे रोके रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई छात्र पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीईटी की तैयारी, कम अंक आने पर इंटर्नशिप अधूरी छोड़ने या जानबूझकर कुछ विभागों की इंटर्नशिप टालने जैसे तरीके अपनाते हैं। नये नियम से ऐसे मामलों पर अंकुश लगने की संभावना जताई जा रही है।

मसौदे पर मांगी गईं आपत्तियां व सुझाव

एनएमसी ने इस मसौदा संशोधन पर मेडिकल कॉलेजों, शिक्षकों, छात्र संगठनों और आम नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी है। अधिसूचना जारी होने के 30 दिनों के भीतर सुझाव भेजने की समय सीमा तय की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव और आपत्तियां केवल ई-मेल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी।

इसके लिए आधिकारिक ई-मेल आईडी ex-amend2026@nmc।org।in जारी की गई है। अन्य किसी माध्यम से भेजे गए सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे, मसौदा अधिसूचना राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com