
अंबरनाथ (सौ. सोशल मीडिया)
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, बीजेपी के करकमलों में कमाल का करिश्मा है। यह कितना बड़ा जादू है कि महाराष्ट्र के अंबरनाथ में 12 कांग्रेसी पार्षद अचानक बीजेपी में शामिल हो गए।’ हमने कहा, ‘इसे कहते हैं ऑपरेशन लोटस जो हमेशा सक्सेसफुल हो जाता है। आप जानते होंगे कि कमल की सुंदरता पर मुग्ध होकर भौंरा उस पर बैठ जाता है। जब रात में कमल की पंखुड़ियां सिकुड़ जाती हैं तो भौंरा उसमें कैद हो जाता है। अन्य पार्टियों के नेताओं को बीजेपी सहज ही आकर्षित कर लेती है। उसकी पतितपावनी धारा में डुबकी लगाने से पापियों का मन भी पवित्र हो जाता है।
लोग कहते हैं कि बीजेपी की वाशिंग मशीन में जाते ही सारे दाग-धब्बे गायब हो जाते हैं। विपक्ष के दागदार नेता ईडी और सीबीआई से बचने के लिए बीजेपी की शरण लेते देखे गए हैं। बीजेपी उनका सारा संकट दूर कर देती है। अंबरनाथ में कांग्रेसजनों ने नेहरू-गांधी की सेक्यूलर विरासत भुला दी। राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान से मुंह मोड़ लिया। सोनिया को सन्न करके रख दिया। खड़गे का खड़ग भी काम नहीं आया। ये दर्जनभर कांग्रेसी पार्षद भगवे की ओर भाग गए।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, पहले तो कांग्रेस ने अपने सभी 12 निर्वाचित पार्षदों को बीजेपी के साथ युति करने पर निलंबित कर दिया लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। ये सभी पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए। एकनाथ शिंदे को इस तरीके से बीजेपी ने उनके गढ़ में झटका दे दिया। यद्यपि शिवसेना (शिंदे) 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन वह 30 सीटों के बहुमत के आंकड़े तक पहुंच नहीं पाई।’ हमने कहा, ‘बीजेपी ने चतुराई से काम लिया और शिंदे ताकते रह गए। अंबरनाथ में जो खेला हुआ, उससे कांग्रेस आलाकमान भी दिल्ली में दहल गया होगा। ऐसा कांड कहीं भी हो सकता है।’
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पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, अंबरनाथ के प्रकरण से हमें याद आया कि नरगिस व राजकपूर की एक पुरानी फिल्म का नाम ‘अंबर’ था। शम्मी कपूर ने फिल्म तीसरी मंजिल में गाया था- दीवाना मुझसा नहीं इस अंबर के नीचे! एक अन्य गीत था- नीले-नीले अंबर पर चांद जब आए, प्यार बरसाए, हमको तरसाए! इस समय अंबरनाथ के अंबर पर भाजपा का भगवा छा गया है।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा






