सकट चौथ' पूजा का जीवन के सभी संकटों से छुटकारा पाने का क्या है संबंध? कैसे पूरी होंगी मनोकामनाएं?

Sakat Chauth Puja significance: कल 6 जनवरी 2026 को सकट चौथ मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ कुछ विशेष ज्योतिष उपाय करना बेहद फलदायी माना जाता हैं। जानिए कौन-से ज्योतिष उपाय करना शुभ हैं?
Sakat Chauth Upay
सकट चौथ का क्या है अध्यात्मिक महत्व (सौ.सोशल मीडिया)
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Sakat Chauth Upay: हर साल की तरह इस बार 6 जनवरी, 2026 को माताएं संतान की लंबी उम्र, तरक्की और अच्छी सेहत के लिए 'सकट चौथ' व्रत व्रत रखेगी। सकट चौथ भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन माताएं भगवान गणेश की विशेष पूजा करती हैं और व्रत रखती हैं।

ऐसा माना जाता है कि जो माता इस व्रत को सच्चे मन और पूरी निष्ठा के साथ विधि-विधान से करती है, उनकी संतान को भगवान गणेश दीर्घायु का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो पूजा का फल दोगुना हो जाता है।

सकट चौथ का क्या है अध्यात्मिक महत्व

सकट चौथ हर महीने की चतुर्थी को मनाया जाता है और यह दिन भगवान गणेश और शनि देव को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन की गई पूजा और उपाय से जीवन की सभी बाधाएं और संकट दूर होते हैं। भक्तों का मानना है कि सकट चौथ के व्रत और पूजा से मानसिक शांति मिलती है, घर में सुख-शांति बनी रहती है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

क्या है सकट चौथ पूजा और व्रत विधि

सकट चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और पूजा स्थल को साफ रखना चाहिए। पूजा में गणेश जी और शनि देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है। दीपक जलाकर, फूल चढ़ाकर और गुड़-मूंगफली का दान करके मंत्रों का जाप करना चाहिए। मुख्य मंत्र हैं “ॐ गं गणपतये नमः” और “ॐ शं शनैश्चराय नमः”। व्रत रखने वाले दिनभर शांत रहते हैं और किसी भी नकारात्मक क्रिया से दूर रहते हैं।

सकट चौथ व्रत पर कौन सा उपाय करें

सकट चौथ व्रत के दिन किए गए उपायों और पूजा से घर और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। सभी मानसिक और आर्थिक संकट दूर होते हैं। शनि देव की कृपा से दुर्भाग्य कम होता है और हर मनोकामना पूरी होती है। नियमित भक्ति और व्रत पालन से आत्मिक और मानसिक शक्ति बढ़ती है, साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संकटनाश गणेश स्तोत्र का पाठ

ज्योतिषयों के अनुसार, संतान की लंबी आयु और सुरक्षा के लिए इस दिन संकटनाश गणेश स्तोत्र का 108 बार पाठ करना चाहिए। माना जाता है कि इससे संतान पर मंडरा रहे सभी संकट दूर होते हैं। जीवन में सफलता आती है और सारे दुख-कष्ट समाप्त होते हैं।

तिल का दान

सकट चौथ के दिन तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे संतान के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उसकी आयु लंबी होती है। साथ ही तिल के दान से शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है।

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