
माघ पूर्णिमा पर पितृदोष के उपाय ( सौ.सोशल मीडिया)
Magh Purnima : हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण मानी गई है। पूर्णिमा पर स्नान-दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। साथ ही, इस दिन जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु, माता लक्ष्मी और भगावन शिव का भी पूजा अर्चना किया जाता है।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष माघी पूर्णिमा 12 फरवरी, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। माघ पूर्णिमा के दिन पितरों की तृप्ति के लिए स्नान और दान के साथ-साथ अनुष्ठान आदि भी किए जा सकते हैं।
मान्यतानुसार जीवन में एक के बाद एक संकट आने पर, घर में कलह होने पर, घर-परिवार में सुख और शांति न होने पर यह माना जाता है कि पितृ नाराज हैं और पितृदोष लग गया है। ऐसे में यहां जानिए किन बातों को ध्यान में रखकर पितृ दोष से छुटकारा पाया जा सकता है। कुछ उपाय जानिए।
माघ पूर्णिमा पर पितृदोष के उपाय :
सूर्यदेव को दें अर्घ्य
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ होता है। अपने पितरों का ध्यान लगाएं और ‘ॐ पितृभ्यः नमः’ मंत्र का जाप करें। घर की खुशहाली के लिए ऐसा करना अच्छा माना जाता है।
भोजन का दान
पितृदोष से मुक्ति के लिए भोजन का दान करना चाहिए। इसके अलावा, इस दिन किसी गाय, कुत्ते या कौवे को रोटी जरूर खिलाएं। कहते हैं, इससे पितरों को शांति मिलती है। पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए भी ऐसा करना शुभ होता है।
दीप जलाना
पितृ दोष से मुक्ति के लिए माघ पूर्णिमा के दिन घर में चौमुख दीपक जलाएं। इसके अलावा, पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितृ स्तोत्र का पाठ करें। ऐसा करने पर मान्यतानुसार पितृ प्रसन्न हो जाते हैं।
गंगा स्नान और तर्पण
पितृ दोष से मुक्ति के लिए माघ पूर्णिमा के दिन संभव हो तो गंगा स्नान करें और पितरों को तर्पण दें। गंगा के अलावा, किसी और पवित्र नदी में स्नान किया जा सकता है या फिर गंगाजल को पानी में मिलाकर इस पानी से भी घर के अंदर स्नान कर सकते हैं। पितरों का तर्पण जिस जल से कर रहे हैं उसमें तिल जरूर डालें।
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चंद्रमा को अर्घ्य देना
पितृ दोष से मुक्ति के लिए माघ पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता हैं। कच्चे दूध में सफेद फूल डालकर चंद्रमा को अर्घ्य देने पर पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है।






