
किसने उड़ाई थी सबसे पहले पतंग? (सौ.सोशल मीडिया)
Makar Sankranti 2026 Celebrations : नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और नए साल का सबसे बड़ा त्योहार ‘मकर संक्रांति’ भी जल्द आने वाला है। जो कि इस बार 14 जनवरी 2026 को पूरे देशभर में मनाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन कुछ जगहों पर खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने की विशेष परंपरा होती है। वहीं, इस दिन काले तिल और गुड़ का दान करना भी बहुत ही फलदायक एवं महत्वपूर्ण बताया गया है।
इसके अलावा देश के अलग-अलग जगहों पर मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा है। हर घर में बच्चे-बड़े, सभी पतंग उड़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर मकर संक्रांति के ही दिन पतंग क्यों उड़ाई जाती है? जानिए मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने के पीछे की परंपरा।
‘मकर संक्रांति’ के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसके पीछे एक पौराणिक कथा छिपी हुई है। कथा के अनुसार, सबसे पहले भगवान श्रीराम में मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाई थी। और उनकी पतंग उड़ते-उड़ते इंद्रलोक में जा पहुंची थी। जिसे देखकर सभी देवी-देवता प्रसन्न हुए। कहते हैं कि तभी से मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है। जो आज तक कायम है।
शास्त्रों में पतंग उड़ाने को शुभता और खुशी का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए इस दिन बच्चों से लेकर बड़े तक हर कोई पतंग उड़ाने के लिए बेहद उत्सुक नजर आता है। मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाकर लोग अपने जीवन में खुशहाली और सफलता की कामना करते हैं।
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने के पीछे धार्मिक कारण ही नहीं है, बल्कि कुछ वैज्ञानिक कारण भी हैं। जैसा कि आप जानते हैं मकर संक्रांति का त्योहार सर्दी के मौसम में आता है। जनवरी का महीना कड़ाके की ठंड का होता है। ऐसे में सुबह के समय छत पर पतंग उड़ाने से शरीर को धूप मिलती है, जिससे विटामिन-D की कमी पूरी करने में मदद मिलती है।
विटामिन-डी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी की वजह से हड्डियां और इम्युनिटी कमजोर हो सकती हैं। विटामिन- D सबसे ज्यादा धूप से मिलती है, लेकिन सर्दी के मौसम में धूप कम निकलती है और आजकल लोग वैसे भी धूप में कम समय बिताते हैं। ऐसे में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने से उन्हें धूप मिलती है और विटामिन- D मिलती है।
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मकर संक्रांति के दिन लोग एक साथ मिलकर पतंग उड़ाते हैं, जिससे सामाजिक एकता बढ़ती है। पतंग उड़ाना बच्चों के लिए एक मजेदार खेल है। इससे उनके बचपन में यादें बनती हैं और बड़ों की बचपन की यादें ताजा होती हैं।






