- Hindi News »
- Religion »
- One Lie And The Entire Account Of Good Deeds Is Wiped Out A Powerful Message From Shri Premanand Ji Maharaj
एक झूठ और चला जाता है पुण्य का पूरा हिसाब, श्री प्रेमानंद जी महाराज का बड़ा संदेश
Premanand Ji Maharaj: शुद्ध आचरण और पूर्ण समर्पण से ईश्वर तक पहुंचता है। श्री प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में बार-बार यह बात स्पष्ट रूप से सामने आती है कि अगर हृदय और दृष्टि शुद्ध नहीं है।
- Written By: सिमरन सिंह

Premanand Ji Maharaj (Source. Pinterest)
Shri Premanand Ji Maharaj Satsang: भक्ति के मार्ग पर चलने वाला साधक केवल पूजा-पाठ से ही नहीं, बल्कि शुद्ध आचरण और पूर्ण समर्पण से ईश्वर तक पहुंचता है। श्री प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में बार-बार यह बात स्पष्ट रूप से सामने आती है कि अगर हृदय और दृष्टि शुद्ध नहीं है, तो वर्षों की तपस्या भी व्यर्थ हो सकती है। वृंदावन केवल एक स्थान नहीं, बल्कि एक भाव है, जहां पहुंचने के लिए बाहरी नहीं बल्कि भीतरी शुद्धता सबसे जरूरी है।
परधन और परस्त्री से दूरी ही सच्ची भक्ति
सत्संग में श्री प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि साधक का पहला धर्म है परधन और परस्त्री के भाव का त्याग। यदि कोई व्यक्ति छल, कपट या झूठे आध्यात्मिक वादों के सहारे किसी का धन लेता है, तो वह केवल पैसा नहीं, बल्कि अपनी पूरी पुण्य-पूंजी उस व्यक्ति को सौंप देता है। ईश्वर की व्यवस्था ऐसी है कि आपकी तपस्या और भक्ति का फल उसी को मिल जाता है, जिसके साथ आपने अन्याय किया है।
इसी प्रकार, किसी पर स्त्री को कामभाव से देखना चाहे गृहस्थ हो या सन्यासी संचित पुण्य (सुकृत) का नाश कर देता है। शास्त्रों में यहां तक कहा गया है कि यदि पहली नजर अनजाने में पड़ जाए तो सावधान हो जाएं, लेकिन दूसरी बार वही दृष्टि पाप का कारण बनती है। मर्यादा की रक्षा के लिए स्वयं भगवान ने भी दृष्टि फेर लेने का आचरण दिखाया है।
सम्बंधित ख़बरें
Guru Pradosh Vrat: गुरु प्रदोष आज, शिव तांडव स्तोत्र का करें पाठ, हर संकट से मिलेगा छुटकारा
Masik Shivratri: कब है ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026? यहां जानिए सटीक तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
Coconut Upay: ज्योतिष और किस्मत से क्या है नारियल का कनेक्शन? जानिए कैसे मुसीबतों से बचा सकता है यह फल
Work Life Balance: ऑफिस, तनाव और थकान से हैं परेशान, गुरूदेव श्री श्री रविशंकर के विचारों से मिलेगा मोटिवेशन
हृदय के भीतर छिपे शत्रु
साधना में बाधा केवल कर्मों से नहीं, बल्कि मन के दोषों से भी आती है।
- द्वेष: जब कोई हमारे मन के विरुद्ध आचरण करता है, तो मन में द्वेष पैदा होता है। लेकिन सच्चा भक्त वही है, जिसके हृदय में किसी भी प्राणी के प्रति वैर नहीं होता।
- ईर्ष्या: किसी दूसरे की उन्नति या यश देखकर जलन होना अहंकार की उपज है, जो साधक को भीतर से जला देती है।
- लोभ और असत्य: लोभ में फंसा व्यक्ति ईश्वर से दूर चला जाता है। झूठ बोलना साधक के लिए सबसे घातक दोष है, क्योंकि एक झूठ को छिपाने के लिए सैकड़ों झूठ बोलने पड़ते हैं।
साधक की वाणी और व्यवहार
श्री प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि साधक की वाणी मधुर और व्यवहार सौम्य होना चाहिए। कटु वचन, द्वेषपूर्ण व्यवहार और शत्रुता साधना को नष्ट कर देती है। यदि कोई आपके साथ कठोरता करे, तो उसे उसकी प्रकृति समझकर स्वीकार करें, लेकिन उसे अपने भीतर न आने दें। ऐसे लोग कभी शांत नहीं रह पाते, क्योंकि वे हमेशा भय और अशांति से घिरे रहते हैं।
समर्पण ही सर्वोच्च धर्म
संत परंपरा में एक बात स्पष्ट कही गई है ईश्वर की शरण के लिए लौकिक कर्तव्यों का त्याग भी धर्म बन जाता है। वृंदावन की शरण लेने से कोई परिवार से विमुख नहीं होता, बल्कि ऐसी भक्ति से इक्कीस पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है। गुरु या भगवान के निकट होना शरीर से नहीं, बल्कि आज्ञा पालन और हृदय में स्थान देने से होता है।
ये भी पढ़े: आखिर भगवान राम को क्यों करना पड़ा भगवान शिव से युद्ध? जानिए रामायण की यह अद्भुत पौराणिक कथा
प्रिय-प्रितम की अपार कृपा
यदि साधक लोभ, काम, द्वेष और असत्य का त्याग कर दे, तो प्रिय-प्रितम स्वयं उसे अपना लेते हैं। श्री राधा रानी की एक करुण दृष्टि लाखों मोक्ष से भी बड़ी है। भले ही इंद्रियां अभी पूरी तरह वश में न हों, लेकिन वृंदावन की शरण अंततः साधक को सत्संग, साधु संग और शाश्वत सेवा की ओर ले जाती है।
उदाहरण से समझें:
भक्ति को अमृत से भरे पात्र की तरह समझिए। हर बार जब आप लोभ, द्वेष या काम में पड़ते हैं, तो उस पात्र में छेद हो जाता है। ऊपर से कितना भी अमृत डालें, पात्र खाली ही रहेगा। आचरण की शुद्धता और समर्पण से ये छेद बंद होते हैं, तब हृदय में प्रेम का रस भरता है।
One lie and the entire account of good deeds is wiped out a powerful message from shri premanand ji maharaj
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
केंद्रीय कैबिनेट की हरी झंडी, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा और आधुनिक; विदर्भ की उड़ान को नई रफ्तार
May 14, 2026 | 08:47 AMईंधन बचाने की मुहिम: मुख्यमंत्री मोहन यादव के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा ने घटाया काफिला
May 14, 2026 | 08:43 AMTahawwur Rana पर कनाडा मेहरबान? आतंकी साजिश के आरोपी की नागरिकता छीनने में क्यों अटका है कनाडा? ये है वजह
May 14, 2026 | 08:40 AMभंडारा: मक्के के खेत में बिछड़े तेंदुए के शावकों का मां से सफल पुनर्मिलन; साकोली वन विभाग को मिली बड़ी कामयाबी
May 14, 2026 | 08:38 AMMilk Price Hike: आज से ₹2 प्रति लीटर तक महंगा हुआ दूध; जानें क्यों लेना पड़ा ये फैसला, देखें नई रेट लिस्ट
May 14, 2026 | 08:35 AMकिरीट सोमैया का किशोरी पेडणेकर पर 100 करोड़ घोटाले का आरोप, मुंबई की राजनीति गरमाई
May 14, 2026 | 08:24 AMनागपुर उपचुनाव विवाद में कोर्ट का फैसला, नामांकन रद्द बरकरार; उम्मीदवार को राहत नहीं
May 14, 2026 | 08:22 AMवीडियो गैलरी

NEET पेपर लीक: 2 साल की मेहनत पर फिरा पानी, विपक्ष ने सरकार को घेरा; छात्रों ने पूछा- मन की बात का क्या?
May 13, 2026 | 02:45 PM
कौन थे लग्जरी के शौकीन प्रतीक यादव? सपा सुप्रीमो अखिलेश से कैसा था नाता, जानें सब कुछ- VIDEO
May 13, 2026 | 01:35 PM
मऊ मामले पर भड़के सपा सांसद, UP के मंत्री पर हत्या की साजिश के गंभीर आरोप, बोले- सरकारी कार्यक्रम किया हाइजैक
May 13, 2026 | 01:01 PM
Prateek Yadav Death News: प्रतीक यादव के निधन पर भावुक हुए बड़े भाई अखिलेश, दिया बड़ा बयान, देखें VIDEO
May 13, 2026 | 12:46 PM
NEET Exam Cancelled 2026: एक पेपर लीक से सरकार को कितने सौ करोड़ का नुकसान? रकम जान उड़ जाएंगे होश- VIDEO
May 12, 2026 | 05:13 PM
पूरी दुनिया में महा-संकट की आहट पीएम मोदी ने देशवासियों को किया आगाह, विपक्ष पर बरसी बीजेपी
May 12, 2026 | 02:41 PM














