नागपुर मनपा: 24 घंटे में ही टूटा बाल्या बोरकर का वादा, महापौर और सत्तापक्ष नेता के दफ्तर से मायूस लौटी जनता

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा में पहले ही दिन टूटा वादा! सुबह प्रभाग और दोपहर मनपा में रहने का दावा निकला हवा। महापौर और सत्तापक्ष नेता के दफ्तरों पर जड़ा रहा ताला।
Nagpur Mayor Nita Thackeray & Leader of House Balya Borkar miss promised office hours on Day 2.
नीता ठाकरे और बाल्या बोरकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Mayor Nita Thakre: नागपुर मनपा में लगभग 4 वर्षों के प्रशासक राज के बाद सत्ता में वापस लौटी भाजपा के महापौर और उपमहापौर पदग्रहण के दौरान सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर ने मंच से घोषणा की थी कि महापौर नीता ठाकरे और वे हर दिन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक प्रभाग में तथा दोपहर 2 बजे से शाम 6.30 बजे तक मनपा में लोगों की समस्याएं हल करने के लिए उपस्थित रहेंगे।

पदग्रहण के बाद मनपा में बतौर महापौर और सत्तापक्ष नेता ने पहले ही दिन यह वादा तोड़ दिया। आलम यह था कि सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर की घोषणा के कारण मंगलवार की दोपहर कई लोग अपनी समस्याएं लेकर मनपा मुख्यालय पहुंचे। मनपा पहुंचे लोग महापौर कक्ष के बाहर लंबे समय तक इंतजार करते रहे। इसी तरह से सत्तापक्ष नेता के कार्यालय के चक्कर भी लगाए किंतु दोनों पदाधिकारी नहीं होने के कारण अंतत: मायूस होकर लौटना पड़ गया।

अधिकांश अधिकारी भी रहे गायब

चूंकि महापौर, उपमहापौर और सत्तापक्ष नेता दोपहर 2 बजे से मनपा मुख्यालय में उपस्थित रहने वाले हैं, ऐसे में बाल्या बोरकर ने मनपा आयुक्त का पदभार संभाल रही अति। आयुक्त वसुमना पंत को सभी अधिकारियों को इस समय कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा था।

सत्तापक्ष नेता का मानना था कि अधिकांश अधिकारी ‘साइट-विजिट’ के नाम पर दिन भर कार्यालय से बाहर रहते हैं। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो महापौर और सत्तापक्ष नेता के पास शिकायतें लेकर पहुंचने वाले लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल सकेगा। संबंधित अधिकारी ही नहीं होने से शिकायतकर्ताओं को क्या जवाब दिया जाए, यह समस्या होगी।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर के तेवर देखते हुए उनका यह कार्यकाल काफी सराहनीय रहने की उम्मीद जताई जा रही थी किंतु दूसरे दिन ही निराशा हाथ लगी। यहां तक कि महापौर और सत्तापक्ष नेता नहीं होने की भनक लगते ही अधिकांश अधिकारी भी अपने कक्ष से गायब रहे।

विपक्ष के नेता को अब तक नहीं मिले कर्मचारी

बताया जाता है कि भले ही महापौर और सत्तापक्ष नेता वादे के अनुसार मनपा मुख्यालय न पहुंचे हों लेकिन मंगलवार को विपक्ष के नेता संजय महाकालकर दोपहर 12 बजे ही मनपा मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय पहुंच गए थे। विपक्ष के नेता का पद संवैधानिक होने के कारण उन्हें न केवल कार्यालय बल्कि गाड़ी और कार्यालय में कर्मचारी भी उपलब्ध कराना होता है।

किंतु विपक्ष के नेता को न तो वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही उनके कार्यालय में किसी कर्मचारी की नियुक्ति की गई जिसकी वजह से कार्यालय पहुंचे विपक्ष के नेता और उनसे मिलने आने वाली जनता को पानी पिलाने के लिए कोई भी उपलब्ध नहीं था। मजबूरन कुछ समय बैठने के बाद विपक्ष के नेता को वापस लौटना पड़ गया।

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