
पूनम चैंबर्स मामला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Poonam Towers Illegal Construction: पूनम चैंबर्स में हुए अवैध निर्माण को लेकर मनपा की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देते हुए एन. कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाए जाने के कारण मनपा की ओर से कार्रवाई शुरू की गई थी किंतु कुछ दुकानदारों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद कार्रवाई रोक दी गई थी। इन याचिकाओं को अब निरस्त कर दिया गया।
इसी तरह से एन. कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के सख्त रुख अपनाने के बाद याचिकाकर्ता ने स्वयं ही पूनम टावर्स और पूनम चैंबर्स का अवैध निर्माण हटाने का आश्वासन दिया जिसके बाद न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने भी इस अवैध निर्माण को हटाने के आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से अधि। बागडदेव और स्वयं एन. कुमार और मनपा की ओर से अधि. जैमिनी कासट ने पैरवी की।
सुनवाई के दौरान एक नाटकीय मोड़ तब आया जब अदालत ने याचिकाकर्ता से तोड़फोड़ की समय-सारणी (शेड्यूल) मांगी। दोपहर करीब 3.30 बजे याचिकाकर्ता को सांस लेने में तकलीफ हुई जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में धंतोली स्थित अर्नेजा हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया। इस कारण उनके वकील ने स्वास्थ्य सुधार के लिए 3-4 दिनों का समय मांगा जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
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कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता 16 फरवरी 2026 से तोड़फोड़ का काम शुरू करेंगे और इसे 10 अप्रैल 2026 तक पूरा करना होगा। अदालत ने जहां पूनम चैंबर्स मामले में आदेश दिए वहीं पूनम टावर्स के मामले में भी राहत नहीं मिलने के कारण याचिकाकर्ता एन. कुमार ने स्वयं ही 16 फरवरी से तोड़ू कार्रवाई करने का आश्वासन कोर्ट को दिया।
यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता 16 फरवरी को काम शुरू करने में विफल रहते हैं तो 17 फरवरी से महानगरपालिका स्वयं तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर देगी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तोड़ू कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा मनपा को पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने का आदेश दिया।






