
कुंडली में मंगल खराब (सौ.सोशल मीडिया)
Mangal Dosh Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, रक्त और क्रोध का कारक माना जाता है। नवग्रहों में सेनापति कहलाने वाला मंगल यदि कुंडली में कमजोर या फिर कहें पीड़ित हो तो व्यक्ति को जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि कुंडली में मंगल खराब होने के कारण व्यक्ति का जीवन कई बीमारियों से घिर जाता है। ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कमजोर मंगल के लक्षण और उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में मंगल के कमजोर होने पर व्यक्ति के जीवन में शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक समस्याएं देखने को मिलती हैं। इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं—
ज्योतिषयों का कहना है कि, कुंडली में मंगल के कमजोर होने पर व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ने लगता है। खासकर बुखार, रक्त संबंधी रोग, चोट लगना या ऑपरेशन की नौबत आना।
व्यक्ति का मंगल खराब होने से व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगता है। और मानसिक तनाव से भी गुजरता रहता है।
मंगल खराब होने से व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी भी देखी जाती है।
मंगल खराब होने से जमीन-जायदाद से जुड़े झगड़े या दुर्घटना आदि होने लगता है।
मंगल खराब होने से परिवारिक रिश्तों में खटास आने लगता है। खासतौर पर छोटे भाइयों के साथ रिश्तों में खटास।
शरीर में कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस होना।
मंगलवार का दिन मंगल देव और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन किए गए उपाय विशेष फलदायी होते हैं:
मंगल को मजबूत करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ होता है प्रतिदिन या कम से कम हर मंगलवार को हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
मंगल को मजबूत करने के लिए हनुमान चालीसा के अलावा सुंदरकांड का पाठ करें। इसके लिए मंगलवार के दिन सबसे शुभ एवं उत्तम माना जाता है।
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मंगल को मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन लाल रंग की वस्तुओं का दान करें, जैसे- मसूर की दाल, लाल कपड़ा, गुड़ या तांबा। हनुमान जी के मंदिर में बूंदी के लड्डू या चोला चढ़ाएं।
ज्योतिष शास्त्र में मूंगा रत्न धारण करना भी मंगल ग्रह को मजबूत करने का एक आसान उपाय है।
तांबे के बर्तन से पानी पीना और जमीन पर बैठकर भोजन करने से कुंडली में मंगल मजबूत होता है।






