
रसोई में कभी खाली नहीं होना चाहिए?(सौ.सोशल मीडिया)
kitchen Vastu Tips: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई को घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र माना गया है। यह केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य, शांति और सौभाग्य से भी जुड़ी होती है। वास्तु-शास्त्र के अनुसार, रसोई में रखी कुछ चीजें मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी कृपा का प्रतीक मानी जाती हैं।
मान्यता है कि यदि इन वस्तुओं का डिब्बा पूरी तरह खाली हो जाए, तो घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और बरकत रुक जाती है। इसलिए रसोई में इन चीजों का हमेशा भरा होना बेहद आवश्यक माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में हल्दी का डिब्बा कभी भी खाली नहीं होना चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टि से हल्दी का संबंध गुरु बृहस्पति से माना जाता है, जो जीवन में मान-सम्मान, धन और संतान सुख का कारक है।
यदि घर की रसोई में हल्दी पूरी तरह खत्म हो जाए, तो इसे गुरु दोष का संकेत माना जाता है। इससे शुभ कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं और घर के सदस्यों का भाग्य कमजोर पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हल्दी के खत्म होने का अर्थ है कि आप अपनी समृद्धि और बरकत को खतरे में डाल रहे हैं, इसलिए हमेशा इसका डिब्बा भरा रखें।
कहते है जिस प्रकार रसोई में हल्दी का डिब्बा कभी भी खाली नहीं होना चाहिए। ठीक उसी प्रकार चावल का डिब्बा कभी भी खाली नहीं होना चाहिए। रसोई के भंडार में चावल का पूरी तरह खत्म होना शुक्र के अशुभ प्रभाव को आमंत्रित करता है। इससे घर की सुख-शांति भंग हो सकती है और संचित धन में कमी आने लगती है। मां अन्नपूर्णा की कृपा बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि चावल का डिब्बा खाली होने से पहले ही उसमें नया चावल भर दिया जाए।
नमक के बिना भोजन बेस्वाद है, और वास्तु के अनुसार नमक के बिना रसोई अधूरी है। नमक का संबंध राहु-केतु के प्रभाव को कम करने से माना गया है।
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पुरानी मान्यताओं के अनुसार, अगर नमक का डिब्बा पूरी तरह खाली हो जाता है, तो घर में वास्तु दोष बढ़ जाता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच अनबन और मानसिक तनाव पैदा हो सकता है।
यह भी कहा जाता है कि कभी भी किसी दूसरे के घर से नमक उधार नहीं मांगना चाहिए और न ही अपने घर का नमक पूरी तरह खत्म होने देना चाहिए। नमक की कमी घर में आर्थिक तंगी का संकेत देती है।






