
शनि देव और शमी का पौधा (सौ.सोशल मीडिया)
Shani Dosh Se Bachne Ke Upay: सनातन धर्म में पेड़-पौधों को विशेष महत्व दिया गया है और उन्हें दिव्य ऊर्जा का स्रोत माना जाता हैं। इनमें से कई पौधों को पूजनीय माना जाता है, जिनमें शमी का पौधा भी शामिल हैं। शमी के पौधे का संबंध भगवान शिव और शनि देव से है, जिसके कारण इसे घरों में सुख-समृद्धि और शांति के लिए लगाया जाता है।
सनातन परंपरा में शमी का पौधा केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शिव पुराण और ज्योतिष शास्त्र में शमी से जुड़े कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर हो सकती हैं।
शनिवार के दिन शमी के पौधे की जड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। मान्यता है कि इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और साढ़ेसाती व ढैय्या का प्रभाव कम होता है।
सोमवार के दिन शमी के पत्तों को शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग खुलता है।
ज्योतिषयों के अनुसार, शनिवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद शमी के पौधे की पूजा करें और इसकी एक पत्ती को अपने पर्स में रखें। कहते हैं, इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और धन लाभ के योग बनेंगे।
घर के मुख्य द्वार के पास शमी का पौधा लगाने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
प्रतिदिन प्रातः शमी के पौधे के पास कुछ समय ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव में कमी आती है।
शनिवार को शमी की लकड़ी से हवन करना या उसके नीचे बैठकर शनि मंत्र का जप करना कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटों को दूर करने में सहायक माना जाता है।
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इन उपायों को आस्था और नियमितता के साथ अपनाने पर शमी का पौधा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।






