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गांधारी का श्राप: एक मां का दर्द जिसने कौरव वंश को मिटा दिया?

Curse of Gandhari: महाभारत सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि भावनाओं, फैसलों और श्रापों का ऐसा संगम है जिसने पूरे वंश का भविष्य बदल दिया। जिसमें गांधारी के श्राप ने कौरव वंश का नाश किया।

  • By सिमरन सिंह
Updated On: Jan 09, 2026 | 06:21 PM

Gandhari curse to Krishna (Source. Pinterest)

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Gandhari Ka Sarap: महाभारत सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि भावनाओं, फैसलों और श्रापों का ऐसा संगम है जिसने पूरे वंश का भविष्य बदल दिया। इन्हीं में से एक है गांधारी का श्राप, जिसे आज भी कौरव वंश के विनाश की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। सवाल यही है क्या सच में एक मां के श्राप ने हस्तिनापुर की नींव हिला दी थी?

कौन थीं गांधारी?

गांधारी, हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र की पत्नी और सौ कौरवों की मां थीं। पति के अंधेपन के कारण उन्होंने स्वयं भी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। यह त्याग उन्हें एक आदर्श पत्नी बनाता है, लेकिन मां के रूप में उनका जीवन दर्द और पश्चाताप से भरा रहा। दुर्योधन और उसके भाइयों की गलत नीतियों ने गांधारी के हृदय में गहरा घाव दिया।

युद्ध के बाद का दृश्य जिसने सब बदल दिया

महाभारत युद्ध समाप्त होने के बाद गांधारी युद्धभूमि में पहुंचीं। चारों ओर अपने सौ बेटों के शव देखकर उनका संयम टूट गया। उसी समय श्रीकृष्ण भी वहां उपस्थित थे। गांधारी को यह विश्वास था कि अगर श्रीकृष्ण चाहते, तो यह युद्ध रुक सकता था।

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क्रोध और पीड़ा से भरी गांधारी ने श्रीकृष्ण से कहा “जिस तरह मेरे वंश का नाश हुआ है, उसी तरह तुम्हारा वंश भी नष्ट होगा।” यही वो क्षण था जिसे इतिहास ने गांधारी का श्राप कहा।

क्या सच में श्राप ने यादव वंश को खत्म किया?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, गांधारी के श्राप के वर्षों बाद यादवों के बीच आपसी संघर्ष हुआ और पूरा यादव वंश समाप्त हो गया। श्रीकृष्ण ने स्वयं इस विनाश को रोका नहीं, क्योंकि वे जानते थे कि यह समय और कर्म का नियम है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि श्रीकृष्ण ने गांधारी के श्राप को टालने की कोशिश नहीं की, बल्कि उसे स्वीकार किया। इससे यह सिद्ध होता है कि महाभारत में कर्म, नियति और निर्णय सबसे ऊपर थे।

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एक श्राप या कर्मों का फल?

कई विद्वान मानते हैं कि गांधारी का श्राप सिर्फ एक भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि कौरवों के कर्मों का प्रतीक था। दुर्योधन का अहंकार, अधर्म और अन्याय पहले ही विनाश को आमंत्रित कर चुके थे। श्राप ने बस उस प्रक्रिया को शब्द दिए।

आज के समय में गांधारी का संदेश

गांधारी की कहानी आज भी हमें सिखाती है कि अंधा प्रेम और गलत का समर्थन अंततः विनाश ही लाता है। एक मां का दर्द कितना भयावह हो सकता है, यह गांधारी के श्राप में साफ दिखाई देता है।

Gandharis curse a mothers pain that wiped out the kaurava dynasty

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Published On: Jan 09, 2026 | 06:21 PM

Topics:  

  • Mahabharat

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