-
सोम, 10 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Religion »
- Darsh Amavasya Is On Wednesday Offer Prayers To Your Ancestors
बुधवार को दर्श अमावस्या, पितरों का करें तर्पण, विधिवत पिंडदान से मिलेगा पुण्य का प्रताप, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजाविधि
- Written By: सीमा कुमारी
आषाढ़ माह की अमावस्या को दर्श अमावस्या भी कहते है। यह अमावस्या नदी स्नान, दान और पितरों के तर्पण के साथ चंद्रमा पूजन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा पूजन से हर मनोकामना पूर्ण होती है।

दर्श अमावस्या (सौ.सोशल मीडिया)
हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। हर साल आषाढ़ महीने में आने वाली अमावस्या को दर्श अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस बार यह अमावस्या 25 जून, बुधवार को मनाई जाएगी। धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों के लिहाज से यह अमावस्या बड़ा महत्व रखता है।
आपको बता दें, दर्श अमावस्या हिंदू पंचांग में हर महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को पड़ती है। यह दिन खासकर पितरों यानी पूर्वजों की शांति, तर्पण और दान-पुण्य के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।
जानकार बताते है कि, दर्श अमावस्या को ‘दर्श’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा पूरी रात आकाश में दिखाई नहीं देता, वह ‘अदृश्य’ रहता है। इस तिथि पर पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं और अपने परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देती है।
सम्बंधित ख़बरें
चित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर मथुरा अलर्ट; शाही ईदगाह में बढ़ाई गई सुरक्षा, आगरा से आए 4 लोग हिरासत में
Mathura: श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर संतों का संकल्प, देश-विदेश में चलाया जाएगा हस्ताक्षर अभियान
Multiple Partners: एक से ज्यादा पार्टनर होने का शरीर और दिमाग पर क्या असर पड़ता है? सद्गुरु से जानिए
इसलिए यह दिन पितरों को तृप्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए समर्पित है। ऐसे में आइए जानते है दर्श अमावस्या के दिन किस विधि से करें पूर्वजों का तर्पण ?
जून में दर्श अमावस्या कब है
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, इस बार आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की तिथि का आरंभ 24 जून 2025 को शाम 6 बजकर 59 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 25 जून 2025 को शाम 4 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर साल 2025 में 25 जून, वार बुधवार को दर्श अमावस्या मनाई जाएगी।
दर्श अमावस्या के दिन इस विधि से करें पिंडदान
ज्योतिषयों के अनुसार, दर्श अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति और अपने जीवन में सुख-समृद्धि के लिए निम्न विधि से पूजा और तर्पण कर सकते है।
- दर्श अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
- यदि यह संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- एक तांबे का लोटा लें, उसमें शुद्ध जल, थोड़े से काले तिल, जौ और गंगाजल मिलाएं।
- कुश को अपनी अनामिका उंगली में अंगूठी के रूप में या हाथ में पकड़कर रखें।
- दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें, क्योंकि यह पितरों की दिशा मानी जाती है।
- अपने हाथ में जल, कुश और काले तिल लेकर अपने पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण करने का संकल्प लें।
- अब अपने ज्ञात पितरों जैसे पिता, दादा, परदादा का नाम लेकर तीन बार जल की अंजलियां अर्पित करें।
- यदि नाम याद न हों, तो “ॐ सर्व पितृ देवाय नमः” या “समस्त पितृभ्यो नमः, पितृभ्यो तर्पयामि” कहते हुए जल अर्पित करें।
- तर्पण करते समय “ॐ पितृगणाय विद्महे, जगद्धारिणै धीमहि, तन्नो पितरो प्रचोदयात्” मंत्र का जाप करें।
- यदि आप पिंडदान करना चाहते हैं, तो तर्पण के बाद जौ के आटे, काले तिल और चावल को मिलाकर पिंड बनाएं और पितरों को अर्पित करें।
- तर्पण के बाद एक दीपक जलाकर पितरों के नाम से प्रज्ज्वलित करें। घर में बने सात्विक भोजन में से थोड़ा अंश निकालकर कौवे, गाय, कुत्ते और चींटियों के लिए अलग से रखें।अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों, ब्राह्मणों या ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, काले तिल या धन का दान करें। पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और शाम को उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
-
कुंडली में पितृदोष है, जीवन कष्टमय है, तो 25 जून आषाढ़ी अमावस्या के दिन कर लें ये 5 उपाय, बनने लगेंगे शुभ योग
दर्श अमावस्या का क्या है महत्व
दर्श अमावस्या पर पिंडदान करने का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति और मुक्ति मिलती है। इससे पितृ प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि, आरोग्य और सफलता का आशीर्वाद देते हैं।
माना जाता है कि पिंडदान करने से वंश वृद्धि में होती है। साथ ही आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। पिंडदान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में आने वाली समस्याएं दूर होती हैं। पिंडदान से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Darsh amavasya is on wednesday offer prayers to your ancestors
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: इन राशियों के जमीन-जायदाद के काम होंगे पूरे, धन लाभ के बनेंगे योग
Aug 10, 2026 | 12:10 AM‘5 लाख से अधिक का बिल फिर भी नहीं बचा पाए’; आगरा के अस्पताल में बुजुर्ग महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा
Aug 09, 2026 | 11:58 PMदालमंडी में भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ सड़क चौड़ीकरण कार्य, 221 करोड़ की लागत से 650 मीटर सड़क होगी चौड़ी
Aug 09, 2026 | 11:47 PMकिराए के फ्लैट में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर; छापेमारी में पकड़ें गए 20 प्रेमी जोड़े, कई मोबाइल-सिम बरामद
Aug 09, 2026 | 11:24 PMयश की टॉक्सिक को लेकर आया बड़ा बॉक्स ऑफिस प्रिडिक्शन, पहले दिन हिंदी में इतने करोड़ कमा सकती है फिल्म
Aug 09, 2026 | 11:12 PMचित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
Aug 09, 2026 | 11:08 PMमहिलाओं के लिए आरक्षित टॉयलेट में घुस रहे पुरुष! APMC मार्केट में बेसिक सुविधाओं की खुली पोल
Aug 09, 2026 | 11:07 PMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला! गाड़ी घेरी, कीचड़ और जूते फेंके; कांचरापाड़ा में भारी बवाल का Video आया सामने
Aug 09, 2026 | 10:51 PM
पैसे लेकर बहाली का आरोप, पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, बोले- छात्रों के साथ खुद बैठूंगा अनशन पर, देखें VIDEO
Aug 09, 2026 | 05:28 PM
नशेड़ी सिपाही की दबंगई कैमरे में कैद! दुकान में घुसकर मांगे ₹5000, VIDEO वायरल होते ही मचा हड़कंप
Aug 09, 2026 | 04:33 PM
JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM













