राजस्थान की अंता सीट पर कांग्रेस-बीजेपी पिछड़े, निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा आगे

Rajasthan Anta UpChunav Result 2025: राजस्थान की अंता सीट के उपचुनाव का आज परिणाम घोषित होने जा रहा। यहां त्रिकोणीय मुकाबला है।
Congress-BJP trail in Rajasthan Anta seat
चुनाव प्रचार के दौरान नरेश मीणा। फाइल फोटो। इमेज-सोशल मीडिया।
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Anta By Election Result 2025 Live: राजस्थान की अंता सीट पर भी आज काउंटिंग शुरू है। इसका काउंट डाउन सुबह 8:00 से शुरू हो गया है। अंता विधानसभा सीट पर 14 टेबल पर 20 राउंड में काउंटिंग शुरू है। डाक मत पत्रों की गिनती पूरी हो गई है।

अंता सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन, कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के बीच कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है।

नरेश मीणा को 14,012 वोट मिले

सात राउंड तक प्रमोद जैन भाया को 13860 वोट मिले हैं। नरेश मीणा 14,012 वोटों से पहले स्थान पर हैं। बीजेपी के मोरपाल सुमन को 9659 वोट मिले हैं, वो तीसरे स्थान पर हैं। इस सीट पर भाजपा को झटका लग सकता है। मोरपाल लगातार पीछे चल रहे हैं।

2008 में अस्तित्व में आई अंता सीट

2008 में अंता विधानसभा सीट अस्तित्व में आई थी। तब से अब तक यहां भाजपा और कांग्रेस दो-दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं। यहां पांचवां चुनाव है, लेकिन पहली बार उपचुनाव हो रहा है। इस बार यहां महिलाओं ने जमकर वोटिंग की है। चुनाव के आगाज से ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश को लेकर जनता में झुकाव दिख रहा था।

2003 में नरेश का राजनीतिक सफर शुरू हुआ

साल 2003 में नरेश का राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ महासचिव का चुनाव जीतने के बाद राजनीति में सक्रिय कदम रखा। इस दौरान उनकी मुलाकात डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से हुई। उनके साथ उन्होंने सामाजिक आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यही कारण है कि समर्थक उन्हें छोटा किरोड़ी कहा जाता है।

सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं नरेश

2017 में जयपुर में आयोजित मीणा समाज की रैली में नरेश मीणा ने अपने अंगूठे पर कट लगाकर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का खून से तिलक किया था। उन्हें कांग्रेस नेता सचिन पायलट का करीबी माना जाता रहा है, लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो उन्होंने पार्टी से नाराज होकर बगावत कर दी।

8 महीने जेल में भी रहे

नरेश मीणा का नाम तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने देवली-उनियारा उपचुनाव में मतदान के बीच एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। वे करीब आठ महीने जेल में रहे।

मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा चाक-चौबंद

मतगणना केंद्र के बाहर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। यहां भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरे के जरिये भी नजर रखा जा रहा है। दो दिन पहले से मतगणना केंद्र के आसपास के रूट को डायवर्ट कर दिया गया था, ताकि मतगणना और यातायात परिचालन में कोई असुविधा नहीं हो।

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