ब्रह्मर्षि विश्वामित्र- गुरु की बात करे तो, भगवान श्रीराम को अनेक दिव्यास्त्र प्रदान करने वाले गुरू विश्वामित्र रहे है।विश्वामित्र वैसे तो क्षत्रिय थे, लेकिन वह ब्रह्मा के बहुत बड़े भक्त थे। उन्होंने घोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्मा ने इन्हें ब्रह्मर्षि का पद प्रदान किया था। बताया जाता है कि भगवान राम को सीता स्वयंवर में ऋषि विश्वामित्र ही लेकर गए थे।