
(डिज़ाइन फोटो)
रेटिंग्स: 3/5
समीक्षा: फिल्म ‘घुड़चढ़ी’ कहानी है शर्मा परिवार की जो कच्छे का व्यापार करता है। इस व्यापार को चिराग शर्मा यानी पार्थ समथान आगे बढ़ा रहे हैं और इसके लिए वे अपने पिता वीर शर्मा यानी संजय दत्त से मार्गदर्शन पाते हैं। इनके परिवार में कल्याणी देवी यानी अरुणा ईरानी भी हैं, जो चिराग की दादी होने के साथ परिवार की नींव हैं और सभी अहम फैसले लेती हैं। चिराग जहां अपने काम में प्रगति कर रहा होता है वहीं एक शादी समारोह में उसकी मुलाकात होती है देविका यानी खुशाली कुमार से और ये दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठते हैं। कुछ समय साथ टाइम स्पेंड करने के बाद ये शादी करने का फैसला लेते हैं। इस दरम्यान कहानी में ट्विस्ट आता है जब पता चलता है कि चिराग के पिता और देविका की मां, यानी संजय और रवीना टंडन अतीत में प्रेमी रहे हैं। ऐसे में अब चिराग और देविका की शादी पर बड़ा सवाल उठता है क्योंकि अगर वीर और मेनका यानी रवीना टंडन दोबारा शादी करने का फैसला करते हैं, तो चिराग और देविका भाई-बहन बन जाएंगे। अब आगे ये कहानी क्या मोड़ लेती है, इसके लिए आपको ये फिल्म देखनी होगी।
अभिनय: फिल्म में एक पिता के रोल में संजय दत्त ने बेहतरीन काम किया है। इस उम्र में भी वे अपने अंदाज से हमें प्रभावित करते हैं। रवीना ने भी अपने रोल को बखूभी निभाया है। पार्थ की बात करें तो टीवी से बड़ा अनुभव प्राप्त करने के बाद फिल्म में भी वे जचते नजर आए। बात करें खुशाली की तो एक एक्टर के रूप में वे उभर रही हैं।
फाइनल टेक: निर्देशक बिनोय गांधी ने एक कॉमेडी फैमिली ड्रामा फिल्म बनाई हिया जिसे आप अपने बच्चे और पूरे परिवार के साथ एन्जॉय कर सकते हैं। फिल्म में सादगी और सास बहु ड्रामा का टाच दिया गया है। फिल्म में जहां रोमांस का तड़का है वहीं ये एकसे डेली सोप जैसी कहानी का अहसास कराती है। अगर आप बेहद दमदार और बड़े स्तर कॉमेडी फिल्म की उम्मीद कर रहे हैं, तो आप शायद उतने खुश न हो। लेकिन अगर एक लाइट हार्टेड कॉमेडी ड्रामा देखना चाहते हैं तो ये फिल्म आपके लिए है।






