ठाणे में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को सुनाई 20 साल कारावास की सजा

Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे में 10 साल की बच्ची से यौन शोषण के दोषी आरोपी को पॉक्सो कोर्ट ने 20 साल की कठोर कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
Thane POCSO case convict gets 20 years imprisonment
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Thane Crime News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 10 साल की बच्ची के साथ यौन शोषण करने वाले आरोपी को अदालत ने 20 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है ठाणे की एक कोर्ट ने 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक आदमी को 20 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है।

स्पेशल पॉक्सो कोर्ट की जज रूबी यू मालवणकर ने 3 जनवरी को सुनाए अपने फैसले में कहा कि 35 साल के आरोपी, जिसे इलाके के बच्चे 'समोसेवाला अंकल' कहकर बुलाते थे क्योंकि वह उन्हें समोसे खिलाता था, उसने बच्चों के भरोसे और विश्वास को तोड़ा। ऐसे में आरोपी को यह सजा देना जरूरी था, ताकि समाज में 'ऐसे ही सोच वाले आपराधिक तत्वों' को एक कड़ा संदेश दिया जा सके।

आरोपी ने तोड़ा बच्चों का विश्वास

कोर्ट जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, यह ध्यान देने वाली बात है कि इलाके के बच्चे आरोपी को पसंद करते थे और उसे 'समोसेवाला अंकल' कहकर बुलाते थे। न सिर्फ बच्चे, बल्कि उनके परिवारों को भी उस पर भरोसा हो गया था। ऐसे में पीड़िता को बार-बार अपने घर ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न करके आरोपी ने उस भरोसे को तोड़ा है।

भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मिली सजा

आरोपी विजयभान ठाणे शहर के वर्तकनगर इलाके की नेहरू नगर झुग्गी बस्ती का रहने वाला है। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n) और 506 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण पॉक्सो की धारा 5 और 6 के तहत दोषी ठहराया गया है।

ऐसे खुला मामला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने 4 जनवरी से 22 जनवरी, 2024 के बीच पीड़िता को जबरदस्ती अपने घर ले जाकर कई बार उसका यौन शोषण किया। इस मामले का खुलासा 23 जनवरी, 2024 को तब हुआ जब बच्ची के एक स्कूल टीचर ने देखा कि उसे ब्लीडिंग हो रही है और उसने उसकी मां को इस बारे में बताया।

पीड़ित की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता

जज अपना फैसला सुनाते हुए स्पेशल पॉक्सो कोर्ट की जज रूबी यू मालवणकर ने कहा कि ऐसा अपराध करने वाला व्यक्ति, आम तौर पर, यह कोशिश करता है कि कोई उसकी हरकतों को नोटिस न करे। इसलिए सिर्फ यह तथ्य कि जांच अधिकारी को कोई गवाह नहीं मिला इसलिए पीड़ित की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता है।

आरोपी पर लगाया 5000 का जुर्माना

कोर्ट ने सरोज को पॉक्सो एक्ट के तहत इस अपराध के लिए 20 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा, कोर्ट ने उसे IPC की धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी देने के लिए 3 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई और 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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