यवतमाल के विकास को रफ्तार: पालकमंत्री संजय राठोड ने ₹692.74 करोड़ के वार्षिक बजट को दी मंजूरी

Yavatmal District Annual Plan 2026: यवतमाल जिले के लिए 692.74 करोड़ का बजट मंजूर। पालकमंत्री संजय राठोड ने दी जानकारी। किसानों की आत्महत्या रोकने और विकास कार्यों पर रहेगा जोर।
Yavatmal Guardian Minister Sanjay Rathod approves ₹692.74 crore draft for District Annual Plan 2026-27. Focus on farmers and tribal area development.
जिला योजना समिति बैठक (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal Budget Approval: यवतमाल जिला वार्षिक योजना वर्ष 2026–27 के लिए सामान्य योजना, आदिवासी उपयोजना तथा अनुसूचित जाति उपयोजना तीनों योजनाओं के अंतर्गत कुल 692.74 करोड़ रुपये के प्रारूप मसौदे को जिला योजना समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। यह जानकारी जिले के पालकमंत्री संजय राठोड ने दी।

जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन सभागृह में पालकमंत्री संजय राठोड की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात वे मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

इस वार्षिक प्रारूप के अनुसार सामान्य जिला वार्षिक योजना के लिए 471.58 करोड़ रुपये, आदिवासी उपयोजना के लिए 137.16 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। समिति ने इस प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की। पालकमंत्री ने बताया कि राज्य स्तर पर अंतिम स्वीकृति के लिए इस प्रस्ताव का शीघ्र ही फॉलो-अप किया जाएगा।

पिछले वर्ष 754.38 करोड़ का प्रावधान

पिछले वर्ष के व्यय की समीक्षा करते हुए पालकमंत्री संजय राठोड ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए जिला वार्षिक योजना (सामान्य), अनुसूचित जाति उपयोजना तथा आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत कुल 754.38 करोड़ रुपये के प्रावधान को स्वीकृत किया गया था। अब तक 538.45 करोड़ रुपये को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है तथा 277.86 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया है।

कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा 214.46 करोड़ रुपये का वास्तविक व्यय किया गया है, जो वितरित निधि के मुकाबले 77.18 प्रतिशत है। पालकमंत्री ने निर्देश दिए कि उपलब्ध निधि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, अव्ययित राशि के पुनर्नियोजन प्रस्ताव को भी बैठक में मंजूरी दी गई।

सामान्य जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत 528 करोड़ रुपये के प्रावधान में से 386.76 करोड़ रुपये को प्रशासनिक मंजूरी मिली है। इसमें से 196.70 करोड़ रुपये वितरित हुए तथा 149.92 करोड़ रुपये का व्यय हुआ।

आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत 142.38 करोड़ रुपये के प्रावधान में से 89.44 करोड़ रुपये को प्रशासनिक मंजूरी मिली, 47.13 करोड़ रुपये का वितरण हुआ और 31.39 करोड़ रुपये का खर्च किया गया। अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 84 करोड़ रुपये के प्रावधान में से 62.92 करोड़ रुपये को प्रशासनिक मंजूरी मिली, 34.04 करोड़ रुपये वितरित हुए और 33.15 करोड़ रुपये का व्यय किया गया।

सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी

जिले में किसान आत्महत्याओं को रोकने तथा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन एवं जिला योजना समिति के माध्यम से विभिन्न योजनाएं एवं नवाचार पहलें लागू की जा रही हैं। किसान शासन-प्रशासन के केंद्रबिंदु हैं। उनके लिए दीर्घकालीन समाधान तैयार किए जा रहे हैं।

किसानों से आत्महत्या जैसा कठोर कदम न उठाने की अपील करते हुए पालकमंत्री संजय राठोड ने आश्वस्त किया कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है। बैठक की प्रस्तावना जिलाधिकारी विकास मीना ने की। आभार प्रदर्शन जिला योजना अधिकारी सुधाकर आडे ने किया।

इस अवसर पर राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ. प्रा. अशोक उईके, उद्योग राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक, विधायक प्रा. राजू तोडसाम, विधायक बालासाहेब मांगुलकर, विधायक संजय देरकर, विधायक किसन वानखेडे, जिलाधिकारी विकास मीना, जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पत्की, पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, सहायक जिलाधिकारी एवं परियोजना अधिकारी अमित रंजन, जिला योजना अधिकारी सुधाकर आडे सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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