विवादित पेट्रोल पंप को सील किया जाए, मंगलवार को उमरखेड़ बंद का आह्वान

Umarakhed Protest: उमरखेड़ में विवादित पेट्रोल पंप को सील करने की मांग तेज हो गई है। आंदोलनकारियों पर कार्रवाई के विरोध में 4 नवंबर को बंद और 5 नवंबर से भूख हड़ताल होगी।
विवादित पेट्रोल पंप को सील किया जाए
विवादित पेट्रोल पंप को सील किया जाए
Published on
Updated on

Yavatmal News: लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई अन्यायपूर्ण कार्रवाई के विरोध में सोमवार को स्थानीय विश्राम गृह में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विवादित पेट्रोल पंप को सील करने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार, 4 नवंबर को उमरखेड़ बंद का आह्वान किया गया। साथ ही, 5 नवंबर से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता जिजाऊ ब्रिगेड की महाराष्ट्र राज्य संयुक्त सचिव सरोज देशमुख ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व अध्यक्ष इनायत उल्लाह जनाब, एड. संतोष जैन, एड. संजय जाधव, अनिल नरवड़े, कैलास कदम, बालाजी वानखेड़े, प्रमोद देशमुख, तेजस मोरे, नितिन शिंदे, पूर्व पंचायत समिति सदस्य संगीता वानखेड़े, सपना चौधरी और उभाठा तालुका प्रमुख सतीश नाईक सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

विश्राम गृह में आयोजित बैठक में निर्णय

बैठक में वक्ताओं ने बताया कि पिछले तीन महीनों से छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा के समीप स्थित पेट्रोल पंप के अतिक्रमण को हटाने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है, जो प्रतिमा के सौंदर्यीकरण में बाधा उत्पन्न कर रहा है। आंदोलनकारियों पर प्रशासन ने अमानवीय तरीके से कार्रवाई करते हुए मारपीट और गिरफ्तारी की, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित पेट्रोल पंप की लीज़ अवधि समाप्त होने के बावजूद, प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए उसे जारी रखा है। यह सब शासन और प्रशासन के संरक्षण में हुआ है, जिससे जनभावनाओं को ठेस पहुंची है।

प्रदर्शनकारियों की मांग

  • शिवभक्त आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
  • समाप्त लीज़ वाले विवादित पेट्रोल पंप को तुरंत सील किया जाए।
  • आंदोलनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जाए।
  • इस पूरी घटना की जांच एसआईटी (विशेष जांच दल) से कराई जाए।

बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि मंगलवार, 4 नवंबर को उमरखेड़ बंद रखा जाएगा और 5 नवंबर से महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने क्रमिक भूख हड़ताल आरंभ की जाएगी। इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिवभक्तों की उपस्थिति रही।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com