

British Airways Flight Nagpur Emergency Landing: महाराष्ट्र के नागपुर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ब्रिटिश एयरवेज के एक विशालकाय विमान को अचानक रनवे पर उतारना पड़ा। लंदन से हैदराबाद की ओर जा रहा बोइंग 787 विमान तकनीकी खराबी का शिकार हो गया था। विमान में सवार 169 यात्रियों के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं था, क्योंकि उन्हें अगले 27 घंटों तक नागपुर में ही रुकना पड़ा। मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे हुई इस लैंडिंग के बाद आखिरकार बुधवार को विमान अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सका।
मिली जानकारी के अनुसार, जब विमान हवा में था, तभी पायलट को इसके GPS सिस्टम में तकनीकी खराबी का संकेत मिला। हालांकि विमान को हैदराबाद में उतरना था, लेकिन वहां का मौसम खराब होने के कारण लैंडिंग संभव नहीं थी। स्थिति की गंभीरता और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए, पायलट ने तुरंत निर्णय लिया और विमान को नागपुर की ओर मोड़ दिया। पायलट ने नागपुर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलते ही विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया गया, जिसके लिए यात्रियों और प्रशासन ने पायलट की जमकर तारीफ की है।
विमान के सुरक्षित उतरते ही प्रशासन ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा था। विमान में मौजूद 169 यात्रियों को विमान से उतारकर नागपुर के विभिन्न होटलों में ठहराया गया। इस दौरान यात्रियों को काफी अनिश्चितता का सामना करना पड़ा, क्योंकि तकनीकी खराबी को ठीक करने में समय लग रहा था। ब्रिटिश एयरवेज के इंजीनियरों की एक विशेष टीम को तकनीकी खामी को दूर करने के लिए नागपुर बुलाया गया। टीम ने विमान के जीपीएस सेटिंग्स की गहन जांच की और उसे रीसेट किया, जिसके बाद ही विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दी गई।
लगभग एक दिन से अधिक समय (27 घंटे) तक नागपुर एयरपोर्ट पर खड़े रहने के बाद, सभी तकनीकी जांच पूरी कर ली गईं। यात्रियों को वापस एयरपोर्ट लाया गया और बुधवार को विमान ने हैदराबाद के लिए उड़ान भरी। हवाई अड्डा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमान अब सुरक्षित है और सभी यात्री सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तकनीकी सुरक्षा और पायलटों की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के महत्व को रेखांकित किया है।