

Yavatmal Education News: यवतमाल जिला परिषद और नगर परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही यूनिफॉर्म मिल गई, लेकिन आदिवासी विकास विभाग की आश्रमशालाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थी आधा शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बावजूद अब तक यूनिफॉर्म से वंचित हैं। दूसरी ओर, आदिवासी विकास मंत्री फिलहाल चुनावी गतिविधियों में व्यस्त नजर आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कम से कम गणतंत्र दिवस से पहले आश्रमशालाओं के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म मिल पाएगी?
राज्य में आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत कुल 497 आश्रमशालाएं संचालित हैं, जहां 2 लाख 4 हजार 458 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस वर्ष आश्रमशालाओं का शैक्षणिक सत्र विभिन्न चरणों में शुरू हुआ। अमरावती विभाग के मराठवाड़ा क्षेत्र की 29 आश्रमशालाएं 16 जून को और विदर्भ क्षेत्र की 53 आश्रमशालाएं 27 जून को शुरू हुई थीं।
कुल मिलाकर शैक्षणिक सत्र को अब पांच महीने पूरे हो चुके हैं और अप्रैल में यह सत्र समाप्त भी हो जाएगा। इसके बावजूद विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से अब तक आपूर्ति नहीं हो पाई है। विद्यार्थियों को नाइट ड्रेस, पीटी यूनिफॉर्म, जूते और मोज़े तक नहीं मिले हैं। आदिवासी समाज के कल्याण के लिए सरकार ने आदिवासी विकास विभाग का स्वतंत्र गठन किया है और विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना इसी विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद समय पर यूनिफॉर्म न मिलना एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
राज्य की 30 आदिवासी विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाली 497 आश्रमशालाओं में लगभग 2,04,458 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसके अलावा 490 छात्रावास संचालित हैं, जिनकी प्रवेश क्षमता 58 हजार है। विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए जून महीने में 115 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया नासिक कार्यालय द्वारा शुरू की गई थी। लेकिन अब तक यूनिफॉर्म न मिलने से यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर उस टेंडर का क्या हुआ?
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